तालिबान का प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिदीन
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20 साल बाद अफगानिस्तान की सत्ता में जबरन ही सही लेकिन वापसी करने वाले तालिबान ने मंगलवार की शाम एक प्रेसवार्ता में अपने भविष्य के शासन का खाका दुनिया के सामने पेश किया। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी बताया और साफ किया कि वह महिलाओं के साथ भेदभाव करने वाला नहीं है। इसके साथ ही मुजाहिद ने कहा कि पहले के तालिबान और अब के तालिबान में अंतर है।
मुजाहिद ने कहा, काबुल में दूतावासों की सुरक्षा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम सभी देशों को आश्वासन देना चाहते हैं कि सभी दूतावासों, मिशनों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मदद एजेंसियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे बल यहां मौजूद हैं। प्रवक्ता ने कहा कि तालिबान इस्लाम के आधार पर महिलाओं को उनके अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाएं स्वास्थ्य और अन्य ऐसे क्षेत्रों में काम कर सकती हैं, जहां जरूरत है। महिलाओं के खिलाफ कोई भेदभाव नहीं होगा।
समाचार एजेंसी एएनआई ने टोलो न्यूज के हवाले से बताया कि प्रेसवार्ता के दौरान 1990 के तालिबान और आज के तालिबान के बीच अंतर के एक सवाल पर तालिबान के प्रवक्ता मुजाहिद ने कहा कि हमारी विचारधारा और विश्वास वही है क्योंकि हम मुसलमान हैं। लेकिन, अनुभव के मामले में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अब हम अधिक अनुभवी हैं और अलग नजरिया रखते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि हम ऐसी सरकार स्थापित करना चाहते हैं जो सभी पक्षों को समाहित करे।
तालिबान के प्रवक्ता ने पड़ोसी देशों को भी आश्वासन दिया कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं किया जाएगा। जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा, 'हम अपने पड़ोसी और क्षेत्रीय देशों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम अपनी जमीन का इस्तेमाल दुनिया के किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने देंगे। वैश्विक समुदाय को अब आश्वस्त हो जाना चाहिए कि हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं और आपको हमारी जमीन से कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।'