उत्तरी अफगानिस्तान में तालिबान ने एक बार फिर हमले तेज कर दिए हैं। ताजा हमले में विस्फोटक सुरंगों को निष्क्रिय करने वाले संगठन ‘हालो ट्रस्ट’ के 10 कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, इस हमले में अन्य 14 लोग घायल हो गए। अफगान गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की। प्रवक्ता तारिक अरियान ने आरोप लगाया कि बगलान प्रांत के बगलान मरकजी जिले में मंगलवार की रात संगठन के शिविर पर तालिबान ने हमला किया था। हालांकि तालिबान ने हमले में किसी प्रकार की भूमिका से इनकार किया है।
हॉलो ट्रस्ट के वैश्विक मीडिया प्रबंधक लुई वॉगन ने कहा कि पास के खदान में काम करने के बाद संगठन के 110 कर्मचारी शिविर में मौजूद थे। जब अज्ञात बंदूकधारियों ने उन पर गोलियां चलाईं। उनके अनुसार, उनके 16 कर्मचारी घायल हो गए। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय ने एक बयान जारी कर हमले को नृशंस करार दिया और कहा कि सहायक कर्मचारी और मानवीय संगठन अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संरक्षित हैं। संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया है कि देश में बढ़ते संघर्षों और सशस्त्र समूहों की संख्या बढ़ने से आईईडी का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है।
अफगानिस्तान ऐसे देशों में से एक है, जहां एक बड़ा क्षेत्र बम और बारूदी सुरंगों से पटा पड़ा है। इनमें से ज्यादातर आतंकवादियों ने सरकारी काफिले को निशाना बनाने के लिए बिछाया था। लेकिन आए दिन आम नागरिक इसकी चपेट में आ रहे हैं। हाल ही में एक वाहन विस्फोट की चपेट में आने के बाद घाटी में गिर गया था, जिसमें करीब 10 लोग मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र बार-बार अपील कर रहा है कि सरकारी बल और तालिबान दोनों ही नागरिकों को बचाने के लिए अधिक सतर्कता बरतें।
तालिबान का हेलिकॉप्टर मार गिराने का दावा, 3 की मौत
इधर, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तकनीकी समस्या के कारण एक एमआई-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। पूर्वी मैदान वरदाक प्रांत में हुए हादसे में चालक दल के तीन सदस्यों की मौत हो गई और एक घायल हो गया। तालिबान ने एक अलग बयान में दावा किया कि मैदान वरदाक के जगहातु जिले में हेलिकॉप्टर पर उसने हमला किया क्योंकि वह हेलिकॉप्टर युद्ध के मैदान में सुरक्षा बलों को मदद पहुंचा रहा था। रक्षा मंत्रालय ने तालिबान के दावे का खंडन किया है।