ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन
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ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने शुक्रवार को नए साल के संदेश में कहा कि उनका देश चीन से सैन्य खतरे का सामना कर रहा है। साई ने कहा कि ताइवान जलडमरूमध्य में लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। इससे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए पैदा हुआ खतरा न सिर्फ इस स्वायत्त क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात है।
साई इंग-वेन ने कहा, जलडमरूमध्य में लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों की गतिविधियां बढ़ीं
बता दें कि चीन इस द्वीपीय क्षेत्र को अपना मानता है और इस क्षेत्र पर बल पूर्वक कब्जे की धमकी भी दे चुका है। ताइवान की राष्ट्रपति ने कोरोना महामारी से मुकाबले के लिए उठाए गए देश के कदमों की तारीफ करते हुए कहा कि चीन के बेहद नजदीक होने के बावजूद इस द्वीपीय क्षेत्र में महामारी के चलते सिर्फ 800 मामलों की ही पुष्टि हुई और सात की मौत हुई है।
इससे पहले ताइवान ने चीन के बढ़ते खतरे को लेकर सभी एशियाई देशों को आगाह किया था। उन्होंने चेताया था कि चीन को यदि नहीं रोका गया तो एशिया के दूसरे देश उसके निशाने पर आ जाएंगे।