प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ सड़क पर उतरे हजारों लोग
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के इस्तीफे और गाजा में बंधकों को रिहाई कराने के और प्रयासों की मांग को लेकर हजारों इस्राइलियों ने रविवार को राजधानी यरूशलम में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने रविवार रात इस्राइली संसद के सामने प्रदर्शन और झंडे लहराते हुए आगजनी की थी। प्रदर्शनकारियों ने एक प्रमुख नगरपालिका मार्ग को बंद कर दिया। पिछले साल अक्तूबर में गाजा युद्ध की शुरुआत के बाद से यह सबसे बड़ा प्रदर्शन था। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाकर नेतन्याहू से इस्तीफा देने की। जवाब में पुलिस ने भीड़ पर पानी की बौछारें कीं और उन्हें पीछे धकेला। प्रधानमंत्री नेतन्याहू की दक्षिणपंथी सरकार के विरोध में लगभग 130 बंधकों के रिहाई की मांग को लेकर उनके परिवारों के साथ एकजुट हो गए हैं। उन्हें गाजा में हमास ने अभी भी बंधक बनाया हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने बंधकों के परिवारों के साथ सड़कों पर डेरा डाल लिया है। अल जजीरा के अनुसार, कई प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू के चेहरे को खून से सना दिखाया है। वे देश को हमास से सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने के लिए उन पर निशाना साध रहे हैं। युद्ध शूरू होने से पहले भी विभाजनकारी न्यायिक सुधारों के विरोध में नेतन्याहू के खिलाफ कई महीनों तक प्रदर्शन हुए थे।
गाजा के मुख्य अस्पताल से हटी इस्राइली सेना
इस्राइली सेना ने दो हफ्तों तक किए गए हमलों के बाद गाजा के मुख्य अस्पताल ‘अल-शिफा’ से अपने सैनिकों को हटा लिया है। फलस्तीनी निवासियों ने बताया कि इस्राइली सेना ने अपने पीछे तबाही के बड़े निशान छोड़ दिए हैं। इनसे पता चलता है कि इस्राइल ने कितनी क्रूरता के साथ यह कार्रवाई की। यहां कई इमारतें जला दी गईं, कई मार दिए गए। इस्राइली सैनिकों को हटाए जाने के बाद सोमवार की सुबह सैकड़ों लोग शिफा अस्पताल और आसपास के इलाकों में लौटे जहां उन्हें अस्पताल के अंदर और बाहर शव पड़े मिले। इस्राइली सेना ने इस हमले को करीब छह महीने से चल रहे युद्ध के सबसे सफल अभियान में से एक बताया और कहा कि उसने सैकड़ों आतंकवादियों को मार गिराया तथा कुछ अहम खुफिया दस्तावेज भी जब्त किए।