रिपब्लिकन पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार चुनने के लिए प्राथमिक चुनाव कराती है। कोलाराडो की अदालत ने अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन की धारा 3 का इस्तेमाल करते हुए ट्रंप को अयोग्य ठहराया था। इसके प्रावधान उन लोगों को सरकारी पद तक पहुंचने से रोकते हैं, जो अमेरिकी संविधान की रक्षा की शपथ लेते हैं, लेकिन फिर उसी के खिलाफ बगावत करते हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के नौ न्यायाधीशों ने कोलाराडो की अदालत का फैसला पलटा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि संविधान राज्यों को राष्ट्रपति उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने की अनुमति नहीं देता है और राज्यों के पास केंद्रीय उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराने की शक्ति नहीं है। ऐसा केवल कांग्रेस कर सकती है, राज्य नहीं।
वहीं, उच्चतम न्यायालय से फैसला आने के बाद पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, अमेरिका के लिए बड़ी जीत। ट्रंप को कोलाराडो के अलावा इलिनॉय, मेन में प्राथमिक चुनाव के लिए अयोग्य ठहराया गया था। शीर्ष अदालत का ताजा फैसला ट्रंप को इन राज्यों से बाहर करने के प्रयासों पर भी रोक लगाता है। हालांकि, ट्रंप की मुश्किलें अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई हैं, क्योंकि 36 राज्यों में उनकी राष्ट्रपति की उम्मीदवारी को रोकने के लिए मामले चल रहे हैं।
साल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन जीत के पक्ष में परिणाम आए थे। ट्रंप ने परिणामों को खारिज कर दिया था। इसके बाद उनके समर्थकों ने छह जनवरी 2021 को कैपिटल हिल में हिंसा की थी। समर्थकों ने गोलीबारी और तोड़फोड़ कर कई दफ्तरों पर कब्जा किया था। इस हिंसा में चार लोगों की भी मौत हुई थी। ट्रंप पर अपने समर्थकों को भड़काने का आरोप लगा था।