हांगकांग विश्वविद्यालय में पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध दूर करने के लिए दंगा नियंत्रण कार्रवाई के तहत छात्रों पर रबर की गोलियां दागी गईं। ये गोलियां विश्वविद्यालय परिसर पर कब्जा जमाए छात्रों पर चलाई गईं। इस दौरान प्रवेश द्वार पर आग लगाकर छात्रों ने पुलिस के बढ़ते कदम रोक दिए। उधर, हाईकोर्ट ने पूरे शहर में विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक रूप से मास्क पहनने पर रोक लगा दी है।
सोमवार को हांगकांग विश्वविद्यालय परिसर में छिड़ी हिंसक झड़पों के दौरान पुलिस ने छात्रों द्वारा घातक हथियारों के इस्तेमाल की निंदा करते हुए पूरे परिसर को ‘दंगाग्रस्त’ घोषित कर दिया। हांगकांग में दंगे के लिए 10 वर्ष तक जेल की सजा है, लेकिन अब तक इस नेता विहीन आंदोलन में प्रदर्शनकारी परिसर को प्रदर्शन केंद्र में तब्दील करने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दिए।
पिछले छह माह से हांगकांग में जारी प्रदर्शनों के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों द्वारा घातक हथियारों के इस्तेमाल पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने धमकी दी कि इस आंदोलन को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसने संकेत दिए कि बीजिंग इस हिंसा को खत्म करने के लिए इस स्वायत्तशासी क्षेत्र पर सीधे दखल भी कर सकता है।