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Sri Lanka: श्रीलंका में सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव, विक्रमसिंघे ने निर्दलीय मैदान में उतरने का किया एलान

Fri, 26 Jul 2024 05:04 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

Sri Lanka: श्रीलंका के 2022 में आर्थिक रूप से दिवालिया होने के बाद यह पहला चुनाव होगा। राष्ट्रपति के वकील रोनाल्ड परेरा ने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए विक्रमसिंघे की ओर से राशि जमा कराई। परेरा ने बताया कि राष्ट्रपति एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। 
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श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने सितंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपनी उम्मीदवारी का शुक्रवार को एलान किया। इससे पहले द्वीप राष्ट्र के चुनाव आयोग ने घोषणा की कि राष्ट्रपति चुनाव 21 सितंबर को होंगे। इसके साथ ही महीनों से चल रही अटकलें भी खत्म हो गईं। यह चुनाव नकदी संकट का सामना कर रहे देश में आर्थिक सुधारों का भविष्य तय करेगा। 

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रानिल विक्रमसिंघे के वकील ने जमा कराई राशि
श्रीलंका के 2022 में आर्थिक रूप से दिवालिया होने के बाद यह पहला चुनाव होगा। 'डेली न्यूज' अखबार की खबर के मुताबिक, राष्ट्रपति के वकील रोनाल्ड परेरा ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए विक्रमसिंघे (75 वर्षीय) की ओर से राशि जमा कराई। इसके बाद परेरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। 

चुनावी दौड़ से बाहर होने की अटकलों पर लगा विराम
देश जब सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा था, तब विक्रमसिंघे ने द्वीप राष्ट्र की कमान संभाली थी। कुछ हफ्ते पहले उन्होंने एक राजनीतिक कार्यालय भी खोला है। चुनाव लड़ने के लिए राशि जमा होने के साथ ही उन अटकलों पर भी विराम लग गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वह राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो सकते हैं। स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने एलान किया कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए जमा राशि शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे से 14 अगस्त की दोपहर तक जमा कराई जा सकती है। 
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राष्ट्रपति चुनाव के लिए 15 अगस्त को होगा नामांकन
चुनाव लड़ने के लिए नामांकन 15 अगस्त को होगा। विक्रमसिंघे की उम्मीदवारी को लेकर तमाम तरह की अटकलें थीं। दरअसल, उके पास कोई पार्टी नहीं थी। उनकी यूनाइटेड नेशनल पार्टी 2020 में विभाजन के कारण समाप्त हो गई थी। 

आर्थिक बदलावों को भुनाने का प्रयास कर रहे विक्रमसिंघे
विक्रमसिंघे खुद को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पेश करके आर्थिक बदलावों को भुनाने का प्रयास कर रहे हैं। वह इस बात लोगों से यह बात कह रहे हैं कि कैसे उन्होंने 2022 दिवालिया होने के बाद देश में आर्थिक बदलाव किए। 1948 में ब्रिटेन से आजादी हासिल करने के बाद 2022 में द्वीप राष्ट्र ने सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना किया था। श्रीलंका ने आधिकारिक तौर पर खुद को दिवालिया घोषित किया था।  

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