राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने बंदरगाह और विमानन सेवा राज्य मंत्री प्रेमलाल जयशेखर, बिजली और ऊर्जा राज्य मंत्री इंडिका अनुरुद्ध, कृषि राज्य मंत्री मोहन प्रियदर्शन डी सिल्वा और राजमार्ग राज्य मंत्री सिरिपाला गमलाथ को बर्खास्त किया।
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने गुरुवार को अपनी सरकार के चार जूनियर मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया। मंत्रियों के खिलाफ 21 सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति पद के निर्दलीय उम्मीदवार राजपक्षे का समर्थन करने पर यह कार्रवाई की।
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राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने बंदरगाह और विमानन सेवा राज्य मंत्री प्रेमलाल जयशेखर, बिजली और ऊर्जा राज्य मंत्री इंडिका अनुरुद्ध, कृषि राज्य मंत्री मोहन प्रियदर्शन डी सिल्वा और राजमार्ग राज्य मंत्री सिरिपाला गमलाथ को बर्खास्त किया। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 47 (3) द्वारा उन्हें दिए गए अधिकार के तहत लिया गया।
बर्खास्त किए गए मंत्रियों ने श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नमल राजपक्षे को समर्थन देने की घोषणा की थी। राजपक्षे ने 75 वर्षीय विक्रमसिंघे से समर्थन वापस ले लिया। मंत्रियों को बर्खास्त करने का निर्णय प्रधानमंत्री दिनेश गुणावर्धने की अध्यक्षता में एक महागठबंधन पीपुल्स यूनाइटेड फ्रीडम अलायंस के गठन के बाद आया। इसमें 25 से अधिक राजनीतिक दल शामिल हैं, जो राष्ट्रपति चुनाव में विक्रमसिंघे का समर्थन कर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री दिनेश गुणावर्धने ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के बाद होने वाले संसदीय चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन बनाया गया है। विक्रमसिंघे, जिन्होंने 2022 में अपदस्थ राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के शेष कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद संभाला था, को एसएलपीपी ने संसद में बहुमत वोट द्वारा स्टॉप-गैप राष्ट्रपति बनाया था।
श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के कई युवा सदस्यों ने दिवालिया अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में विक्रमसिंघे की काम में मदद की। इन्होंने भी देश को आर्थिक संकट से उबारने के लिए राष्ट्रपति का समर्थन करने का फैसला किया। एसएलपीपी ने भी राजपक्षे की उम्मीदवारी पर विक्रमसिंघे का समर्थन करने वाले सदस्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला लिया है।