श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे
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श्रीलंका के तमिल बहुल क्षेत्र जाफना के किसानों को लंबे समय के बाद बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को जाफना के किसानों के लिए 234 एकड़ जमीन जारी कर दी है। यह जमीन पहले जाफना सुरक्षा बल मुख्यालय के पास थी।
किसानों को मुफ्त में मालिकाना हक
यह जमीन जाफना के पांच ग्राम नीलाधारी डिविजन में किसानों को खेती के लिए जारी की गई है। दरअसल श्रीलंका में उरुमाया नाम का राष्ट्रीय कार्यक्रम चल रहा है। इस कार्यक्रम के तहत योग्य किसानों को खेती के लिए मुफ्त में जमीन का मालिकाना हक (फ्री होल्ड डीड) दिया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार करीब 20 लाख लोगों मालिकाना हक वितरित किया जाएगा। उरुमाया कार्यक्रम के तहत ही जाफना के ओडकापुलम में एक समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में 408 लोगों को प्रतीकात्मक रूप से मुफ्त में जमीन का मालिकाना हक दिया गया।
इस वजह से बेहद खास है जाफना
जाफना अपने आप में बहुत महत्व रखता है। दरअसल यहां लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) ने अपने अभियान चलाए थे। यहां 30 साल तक अलग तमिल राष्ट्र के लिए कई अभियान छेड़े गए थे। साल 2009 में श्रीलंकाई सेना ने एलटीटीई के सर्वोच्च नेता वी प्रभाकरण को मार गिराया था। जाफना में विकास का अभाव है और श्रीलंकाई नेताओं कहना है कि सरकार यहां के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।