श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने
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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से आर्थिक संकट से गुजर रहे श्रीलंका की मदद पर ध्यान केंद्रित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि श्रीलंका अभूतपूर्व आर्थिक उथल-पुथल की चपेट में है, जो सात दशकों में सबसे खराब है। इस संकट के चलते लाखों लोगों को भोजन, दवा, ईंधन और अन्य आवश्यक चीजें खरीदने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
बता दें कि श्रीलंका वर्तमान में एक बेलआउट पैकेज के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के लिए हाथ-पांव मार रहा है, जो कि देश के मौजूदा आर्थिक संकटों के लिए मारक हो सकता है। कोलंबो पेज न्यूज पोर्टल ने रविवार को बताया कि प्रधानमंत्री गुणवर्धन ने आईएमएफ के कर्मचारियों के साथ बैठक में देश में आर्थिक रूप से कमजोर समूहों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का अनुरोध किया है।
प्रधानमंत्री ने आईएमएफ टीम को देश में आर्थिक चुनौतियों और कम आय वाले लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए अनुरोध किया। उन्होंने IMF की टीम को गैर-आवश्यक आयात को कम करने और निर्यात उत्पादों को बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए उपायों और सरकार द्वारा समाज के सबसे गरीब वर्गों के कल्याण को बढ़ाने के लिए किए गए उपायों के बारे में बताया।
वहीं आईएमएफ के वार्ता पैनल के प्रमुख पीटर ब्रेउर ने कहा कि उनकी टीम सरकार, विपक्ष और अन्य दलों के साथ चर्चा करेगी और वाशिंगटन में मुख्यालय को तथ्यों की रिपोर्ट करेगी। आईएमएफ के प्रतिनिधियों ने ऋण पुनर्गठन और आर्थिक पुनरुद्धार की योजना तैयार करने में कमजोर समूहों के लिए सुरक्षात्मक उपाय करने के बारे में तथ्यों को भी समझाया।
राष्ट्रीय एयरलाइन का निजीकरण करेगा श्रीलंका
आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका राष्ट्रीय विमानन कंपनी का निजीकरण करेगा। नकदी की कमी से जूझ रही श्रीलंका सरकार के पास एयरलाइन के संचालन के लिए पैसा नहीं है। नागर विमानन मंत्री निमल सिरिपाला डी सिल्वा ने कहा कि सरकार श्रीलंकन एयरलाइंस की खानपान और ग्राउंड-हैंडलिंग इकाइयों में से 49 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की सोच रही है। हालांकि, 51 फीसदी हिस्सेदारी सरकार के पास ही रहेगी।