श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे।
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श्रीलंका में पिछले कुछ महीनों से जारी आर्थिक संकट अब गहराता जा रहा है। आलम यह है कि श्रीलंका के कई शहरों में पिछले एक हफ्ते से प्रदर्शन तक शुरू हो चुके हैं। लोगों ने आम जरूरत की चीजों के महंगे होने और अहम संसाधनों की कमी होने के कारण सड़कों पर उतरना शुरू कर दिया है। इस बीच खबर है कि श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे अपने पद से इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं। इससे पहले श्रीलंका के दो मंत्री नमल राजपक्षे और शशिंद्र राजपक्षे भी साफ कर चुके हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो वे पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। बताया गया है कि महिंदा राजपक्षे आज राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से भी मिलने पहुंचे हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय ने ऐसी खबरों का खंडन किया है।
श्रीलंकाई मीडिया के मुताबिक, महिंदा और गोटबाया के बीच कुछ अहम राजनीतिक मसलों को लेकर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि राजपक्षे जल्द ही कैबिनेट मंत्रियों के साथ इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद श्रीलंका में कार्यवाहक सरकार के के जरिए देश में फैले असंतुष्टि के माहौल को कम करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, इसे लेकर आखिरी फैसला अभी भी बाकी है।
प्रदर्शनकारी छात्रों पर आंसू गैस के गोले
इस बीच कर्फ्यू के खिलाफ देश के दूसरे सबसे बड़े शहर कैंडी के बाहरी इलाके में पेरेडेनिया विश्वविद्यालय के करीब प्रदर्शन कर रहे शोधकर्ताओं और अन्य विद्यार्थियों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। विपक्षी समागी जन बालावेग्या पार्टी के सांसद लक्ष्मण किरिएला ने बताया कि पुलिस ने विद्यार्थियों को वापस खदेड़ दिया। इस संबंध में पूछने पर पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया।