उधर, सत्तारूढ़ गठबंधन के असंतुष्ट नेता दयासीरी जयशेखरा ने कहा था कि हो सकता है वह सीधे इस्तीफा न दें। उन्होंने कहा कि पीएम कह सकते हैं कि मौजूदा संकट में उनकी कोई भूमिका नहीं है। ऐसा कर के वह बॉल राष्ट्रपति गोतबाया के पक्ष में डाल सकते हैं कि वे उन्हें बर्खास्त कर दें। मंत्री विमलवीरा दिसानायके ने कहा है कि आर्थिक संकट से निपटने में महिंदा का इस्तीफा बेकार साबित होगा।
प्रभावशाली बौद्ध गुरुओं ने भी अंतरिम सरकार का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया है। जयशेखर ने कहा कि असंतुष्ट समूह का 11 पार्टियों का गठबंधन संकट को खत्म करने के तरीकों पर सोमवार को आगे की बातचीत करेगा। महिंदा राजपक्षे के इस्तीफा देने पर उन्हें अंतरिम सरकार के गठन की उम्मीद है।
पीएम के खिलाफ फूटा आक्रोश
बीते दिनों भारी दबाव के बावजूद 72 वर्षीय गोतबाया और प्रधानमंत्री महिंदा ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया था। राजपक्षे कुनबे के ताकतवर महिंदा राजपक्षे को रविवार को अनुराधापुर में जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा। ईंधन, रसोई गैस और बिजली कटौती समाप्त करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरी जनता ने उनके खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि पूरा राजपक्षे परिवार राजनीति छोड़ दे। देश से लूटी गई संपत्ति लौटा दे।
प्रदर्शनकारियों पर पीएम समर्थकों का हमला, 16 घायल
सोमवार को पीएम राजपक्षे के समर्थकों ने प्रदर्शनकारियों पर हमला बोल दिया। हमले में 16 लोगों के घायल होने की खबर है। हमला पीएम के सरकारी निवास के बाहर किया गया। इस पर राजपक्षे ने अपील की कि लोग संयम बरतें। आर्थिक संकट का आर्थिक समाधान निकालने की जरूरत है, उनके सरकार इसका हल निकालने के लिए वचनबद्ध है।