श्रीलंका में ईस्टर संडे को हुए बम धमाकों के पीछे एक महिला समेत नौ आत्मघाती हमलावर शामिल थे। उनमें से अधिकतर पढ़े-लिखे थे और मध्यम या उच्च-मध्य-वर्ग से आते थे। वे व उनके परिवार आर्थिक रूप से काफी समर्थ हैं। इतना ही नहीं इन में से एक आत्मघाती हमलावर ने ब्रिटेन में पढ़ाई की थी और श्रीलंका आने से पहले ऑस्ट्रेलिया से स्नातकोत्तर किया था। नौ आत्मघाती बम हमलावरों में आठ की शिनाख्त आपराधिक जांच विभाग ने कर ली है। नौवें बम हमलावर की पहचान एक आत्मघाती बम हमलवार की पत्नी के रूप में हुई है। रक्षा राज्यमंत्री रुवन विजयवर्धने ने सुरक्षा प्रबंधन में चूक की बात स्वीकार करते हुए यह जानकारी साझा की।
दूसरी तरफ एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमले की जिम्मेदारी लेने वाले इस्लामिक स्टेट की ओर से मंगलवार को एक वीडियो जारी किया गया। वीडियो में जहरान हाशिम नाम का शख्स स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि उसने इन धमाकों में अहम भूमिका निभाई। वीडियो में आठ लोग दिख रहे हैं जिनमें केवल जहरान का चेहरा ढका नहीं है। वह इस्लामिक स्टेट के प्रमुख अबू बक्र अल बगदादी के प्रति निष्ठा प्रकट कर सातों हमलावरों की अगुवाई करता दिख रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार हाशिम ने 2014 में नेशनल तवहीद जमात (एनटीजे) बनाया था। जांच से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि अभी इस बात का सबूत नहीं मिला है कि हाशिम आत्मघाती बम हमलावरों में था या नहीं। सूत्र ने कहा, जब तक हम हरेक का डीएनए परीक्षण कर नहीं लेते तब तक हम कुछ कह नहीं सकते।
एनटीजे ने नहीं किया हमला
विजयवर्धने ने कहा कि ये बम धमाके एनटीजे ने नहीं, बल्कि उससे अलग हुए धड़े ने किए। उन्होंने कहा कि इस संगठन के सदस्यों के बीच मतभेद था और हमला उस धड़े ने किया जो एनटीजे से अलग हो गया था। फिलहाल इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि अलग हुए धड़े का कोई विदेशी संबंध था।
मरने वालों की संख्या 359 हुई, 10 भारतीय
हमले में मरने वालों की संख्या बुधवार को 321 से बढ़कर 359 हो गई। दस भारतीयों के भी मरने की भी पुष्टि हुई है। करीब 500 लोग घायल हुए है। धमाकों में हाथ होने के संदेह में 60 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। उनमें से 32 सीआईडी की हिरासत में हैं। सारे श्रीलंकाई नागरिक हैं। मारे गए जिन विदेशियों की पहचान कर ली गई है वे 34 हैं और 14 की पहचान नहीं हो पाई है।
मुस्लिमों में डर, कहा - हम किसी के दुश्मन नहीं
बम ब्लास्ट के बाद से मोहम्मद हसन घर के बाहर नहीं निकले हैं। उन्हें डर है कि देश में तनाव का माहौल है और उन पर मुस्लिम होने की वजह से हमला बोला जा सकता है। 41 वर्षीय हसन एक प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करते हैं, लेकिन उनका परिवार उनसे घर पर ही रहने को कह रहा है। वहीं आरएफ अमीर ने कहा कि हम सुरक्षा चाहते हैं। हम बेहद डरे हुए हैं क्योंकि कोई भी हमें टोपी में देखता है तो वह अपना दुश्मन समझता है। हम हर किसी को यह बताना चाहते हैं कि आपके दुश्मन हम नहीं हैं। यह हमारी भी मातृभूमि है। बता दें कि श्रीलंका में मुस्लिम आबादी 10 फीसदी है।
इस्तीफा दें रक्षा सचिव व पुलिस चीफ: राष्ट्रपति
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरीसेना ने रक्षा सचिव हेमासिरी फर्नांडो और देश के पुलिस चीफ पुजिथ जयसुंदर को इस्तीफा देने को कहा है। मैत्रीपाला ने माना कि पहले से खुफिया जानकारी होने के बावजूद हमला रोका नहीं जा सका। मैत्रीपाला ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक का नतीजा बताया।
श्रीलंका को खुफिया जानकारी नहीं दी: अमेरिका
अमेरिका ने कहा है कि उसने हमलों से पहले श्रीलंका को कोई खुफिया जानकारी नहीं दी थी। श्रीलंका सरकार के मंत्री हर्षा डी सिल्वा ने सोमवार को कहा था कि भारत और अमेरिका दोनों ने खुफिया जानकारी मुहैया कराई थी। श्रीलंका में अमेरिकी राजदूत अलाइना टेप्लेत्ज ने कहा कि हमें इन हमलों के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। बता दें कि इन हमलों में चार अमेरिकी भी मारे गए हैं।