सूर्य पर धमाका कोरोनल मास इंजेक्शन था, जो छह घंटों तक सूर्य पर इसी तरह चलते देखा गया। जानकारी के मुताबिक, विस्फोट से अंतरिक्ष में मलबा और रेडिएशन निकला।
सूर्य इस हफ्ते तीसरी बार धधक उठा है। इसके पूर्वी छोर में विस्फोट हुआ है। वैज्ञानिक भाषा में इसे एक्स क्लास सोलर फ्लेयर कहते हैं। नासा के सोलर डायनामिक्स ऑब्जर्वेटरी ने 10 जनवरी की शाम यह खतरनाक चमक देखी।
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सूर्य पर धमाका कोरोनल मास इंजेक्शन था, जो छह घंटों तक सूर्य पर इसी तरह चलते देखा गया। जानकारी के मुताबिक, विस्फोट से अंतरिक्ष में मलबा और रेडिएशन निकला। इससे पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में चमक दिखी और दक्षिण प्रशांत में रेडियो ब्लैकआउट भी हुआ। इसका असर रेडियो सिग्नलों पर भी पड़ा।
25 वर्ष में निकलती हैं लपटें
वैज्ञानिकों के मुताबिक, 25 वर्ष का चक्र पूरा करने पर सूर्य में ऐसी गतिविधियां बढ़ जाती हैं। अनुमान है कि 2025 में अपने चरम पर होगा।