यूएनएमआईएसएस ने ट्वीट कर कहा कि धन्यवाद भारत आपके बेहतरीन बेटों और बेटियों में से 1,171 को अपर नाइल दक्षिण सूडान में उनके महत्वपूर्ण यूएनएमआईएसएस में काम के लिए संयुक्त राष्ट्र मेडल से सम्मानित किया गया।
दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) में तैनात भारतीय शांति सैनिकों को एक पुरस्कार समारोह के दौरान प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया। इस समारोह का नेतृत्व पहली बार भारतीय सेना की महिला अधिकारी ने किया।
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यूएनएमआईएसएस ने ट्वीट कर कहा कि धन्यवाद भारत आपके बेहतरीन बेटों और बेटियों में से 1,171 को अपर नाइल दक्षिण सूडान में उनके महत्वपूर्ण यूएनएमआईएसएस में काम के लिए संयुक्त राष्ट्र मेडल से सम्मानित किया गया। यूएनएमआईएसएस ने कहा कि पहली बार भारतीय सेना की महिला अधिकारी मेजर जैस्मीन चट्ठा ने परेड का नेतृत्व किया। चट्ठा ने कहा कि विशेष दिन पर अपनी रेजिमेंट का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान की बात है। यह महिलाओं के सम्मान के लिए मजबूती का संदेश हैं।
चट्ठा ने कहा कि उन्होंने मिशन में सेवा करते हुए सड़कों की मरम्मत या आपदा समेत भारतीय शांति सैनिकों ने अपने कर्तव्यों का पालन किया। समारोह के दौरान यूएनएमआईएसएस फोर्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहन सुब्रमण्यन ने शांति सैनिकों को पदक प्रदान किए। संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित 1,171 सैनिकों में से पांच महिलाएं शामिल हैं। यूएनएमआईएसएस ने कहा कि सभी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। आपने हजारों नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की है, निस्संदेह इस प्रक्रिया में लोगों की जान बचाई है, और मानवीय सहायता के लिए अनुकूल परिस्थितियों में काम किया।
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मिशन में सेवारत एक इंजीनियर कैप्टन करिश्मा कथायत ने कहा कि हम जिन लोगों की सेवा करने के लिए यहां हैं, उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में योगदान देना एक शानदार कार्य है। हमारा इंजीनियरिंग का काम एक ऐसी चीज है जिस पर हमें बहुत गर्व है। लेख में उल्लेख किया गया है कि अधिडियांग और कोडोक में हिंसा, जहां लगभग 11,000 विस्थापित लोग अभी भी यूएनएमआईएसएस सैन्य अड्डे के पास एकत्रित हैं, के परिणामस्वरूप पीड़ा और चोटें आई हैं। पिछले साल सितंबर से, भारतीय चिकित्सा कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण आपातकालीन सर्जरी की है, जिससे पांच बच्चों की जान बच गई है।