फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pakistan: क्यों चर्चा में पाकिस्तान की पहली हिंदू महिला पुलिस अधिकारी, इसका अभिनेत्री निमरा से क्या कनेक्शन?

Thu, 05 Sep 2024 12:25 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

अभिनेत्री निमरा खान ने पहली हिंदू महिला पुलिस अधिकारी की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने बताया कि किस तरह उनकी मदद की। 
विज्ञापन
मनीषा रोपेटा - फोटो : इंस्टाग्राम/ मनीषा रोपेटा
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तानी अभिनेत्री निमरा खान ने अपने से जुड़े एक किस्से को याद किया। उन्होंने बताया कि किस तरह जब उन्होंने अपने अपहरण की बात सोशल मीडिया पर सामने रखी थी तो आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। हालांकि, इन सब हालातों से जूझने में उनकी पहली महिला हिंदू पुलिस अधिकारी ने मदद की थी। 

विज्ञापन


क्या है मामला?
दरअसल, कराची के पॉश इलाके में बने एक होटल के बाहर जब निमरा अपनी कार में इंतजार कर रही थी, तब उनका अपहरण करने की कोशिश की थी। इस बारे में उन्होंने सोशल मीडिया पर खुलकर बात की थी, जिसके बाद उन्हें आलोचनाएं झेलनी पड़ी थीं। 

'मुझे शांत किया'
उन्होंने इसी घटना को याद करते हुए कहा, 'शुरुआत में सोशल मीडिया मंच पर मुझ पर और मेरे साथ हुई घटना पर सवाल खड़े किए गए। मगर सच यह है कि डीएसपी मनीषा रोपेटा ने मेरे केस में मदद की और मुझे शांत किया। साथ ही हालात को सुधारने के लिए अच्छे से काम किया।'
विज्ञापन


निमरा ने कहा, 'जब मैंने पढ़ी लिखी महिला पुलिस अधिकारी से बात की तब मुझे समय आया कि सबके सामने इस मुद्दे पर बात करना सही था।' 

कौन हैं हिंदू महिला पुलिस अधिकारी?
महिला पुलिस अधिकारी ने पाकिस्तानी अभिनेत्री से न सिर्फ बात की बल्कि उनके केस को भी अच्छे से संभाला। बता दें, रोपेटा को पुलिस सेवा में दो साल से अधिक समय हो गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान में पुलिस क्षेत्र में बहुत ही कम शिक्षित महिला अधिकारी हैं। ऐसे में रोपेटा रक्षा के क्षेत्र में डीएसपी पद पर कार्यरत हैं। इससे ही सिंध प्रांत की पुलिस की अलग तस्वीर झलकती है।

डीएसपी रोपेटा से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा, 'मुझे इससे प्रेरणा और आगे बढ़ने की वजह मिलती है। इसी वजह से मैंने पुलिस फोर्स चुना था, जो सही साबित हो रहा है।'

आज भी जब मैं अपनी वर्दी पहनती हूं...
उन्होंने आगे कहा, मुझे मेरे काम की वजह से साथ के अधिकारियों से सम्मान मिलता है। हां यहां कुछ लैंगिक मुद्दे हैं मगर मैं ऐसा महसूस नहीं करती और न ही इससे कोई फर्क पड़ता है कि मैं एक हिंदू महिला पुलिस अधिकारी हूं। आज भी जब मैं पुलिस की वर्दी पहनती हूं तो मेरे लिए यह गर्व का पल होता है। मैं आशा करती हूं कि मेरी कहानी सुनकर हमारे समुदाय की लड़कियां प्रेरित हों और मेरे रास्ते पर चलें।'

बता दें, पाकिस्तान की पुलिस में दो तरीके के अधिकारी होते हैं। एक वो जो अपनी उच्च शिक्षा के कारण अधिकारी बनकर आते हैं, तो वहीं दूसरे वो अधिकारी होते हैं, जो केंद्रीय सुपीरियर सेवा (सीएसएस) परीक्षाएं देकर बनते हैं। 

जकोबाबाद की रोपेटा ने साल 2021 में सिंध पब्लिक सर्विस कमिशन परीक्षा पास की थी। उन्होंने परिवार से जुड़े किस्से को याद किया। महिला पुलिस अधिकारी ने कहा, 'जब मैं 13 साल की थी तब मैंने अपने पिता को खो दिया था। वह ट्रेडिंग करते थे। तब से मेरे भाई ने मुझे प्रेरित किया है और मेरे पुलिस अधिकारी बनने में मेरा साथ दिया है।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें