गुरुद्वारा करतरपुर साहिब, पाकिस्तान (फाइल फोटो)
पाकिस्तान में सिख समुदाय ने पहली बार करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में गुरु नानक देव की ज्योति जोत मनाना शुरू किया। कोविड-19 के कारण भारतीय तीर्थयात्री इसमें शामिल नहीं हो सके। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थलों की देखरेख करने वाले इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के प्रवक्ता आमिर हाशमी ने कहा, अधिकतर सिंध और खैबर पख्तूनख्वा में रहने वाले सिख तीन दिनों तक चलने वाले ज्योति जोत (पुण्य तिथि) कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।
यह कार्यक्रम रविवार को गुरुद्वारा दरबार साहिब में शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान महामारी को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। यह पहला मौका है जब गुरुद्वारा दरबार साहिब में ज्योति जोत पर्व मनाया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार से सिखों को इस कार्यक्रम में शामिल होने की इजाजत देने के लिये औपचारिक रूप से कहा गया था लेकिन नई दिल्ली ने इसे संभवत: कोरोना के कारण खारिज कर दिया।
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने भी भारत सरकार से सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब आने की इजाजत देने का अनुरोध किया था। कोविड-19 की वजह से बंद रहे ऐतिहासिक करतारपुर साहिब गलियारे को पाकिस्तान ने तीन महीने बाद 29 जून को फिर खोल दिया था। यह गलियारा भारतीय तीर्थयात्रियों को बिना वीजा के ऐतिहासिक गुरुद्वारे जाने की इजाजत देता है।