व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे
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भारत में अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति लंबे समय से अटकी पड़ी है। बाइडन प्रशासन ने लॉय एंजिल्स के मेयर एरिक गार्सेटी को राजदूत मनोनीत किया है, लेकिन अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
भारत में अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति में विलंब के बारे में सवाल पूछने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने दोनों देशों का रिश्ता बहुत महत्वपूर्ण है। बाइडन प्रशासन गार्सेटी के मनोनयन की सीनेट से पुष्टि कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पियरे ने यह बात उत्तरी कैरोलिना के चेरी पॉइंट के रास्ते में एयर फोर्स वन की उड़ान के दौरान यह टिप्पणी की।
यह पूछने पर कि क्या व्हाइट हाउस गार्सेटी के नाम पर सीनेट की अंतिम मुहर के लिए प्रयास करेगा? अमेरिकी प्रवक्ता ने कहा कि निश्चित रूप से। भारत के साथ हमारी बहुत महत्वपूर्ण साझेदारी है। यह आपने बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति जो बाइडन व पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात में देखा होगा। जहां, तक मेयर गार्सेटी की भारतीय राजदूत के रूप में पुष्टि का सवाल है, तो यह प्रक्रिया चल रही है। हम सीनेट से लगातार इस पर बात कर रहे हैं और इसे मंजूरी के प्रयास कर रहे हैं। यह हमारी प्राथमिकता में है। इससे ज्यादा हमारी रणनीति साझा नहीं की जा सकती।
सीनेट से मंजूरी में हो चुकी काफी देरी
अमेरिका मेयर गार्सेटी की नियुक्ति को मंजूरी दिलाने के लिए सतत प्रयास कर रहा है। हालांकि, इसमें काफी देरी हो चुकी है। इसी साल जनवरी में सीनेट की विदेश मामलों की समिति ने गार्सेटी को भारत में अमेरिकी राजदूत बनाने के प्रस्ताव को स्वीकार किया था। हालांकि, इस नियुक्ति को सीनेट में बहुमत से मंजूरी दिलाना जरूरी है। सीनेट की एक रिपोर्ट जारी होने के बाद गार्सेटी के मनोयन में रोड़ा आ गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि गार्सेटी ने कथित तौर पर अपने एक शीर्ष सहयोगी द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न की अनदेखी की थी।
इस बीच, गत रविवार को अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को 'वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' में तब्दील होने का दावा किया था। इंडिया हाउस वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के रिश्तों को लेकर 2022 एक अत्यधिक सफल वर्ष है।