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Pakistan: इमरान खान ने की भारत-पाकिस्तान के बीच अच्छे रिश्तों की पैरवी, बोले- यह तब तक संभव नहीं, जब तक...

Tue, 22 Nov 2022 10:06 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को सत्ता में वापसी के लिए प्रचार करने की जरूरत नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव देश को चल रही आर्थिक उथल-पुथल से बाहर निकालने के लिए जरूरी हैं।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान। - फोटो : ANI
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विस्तार
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पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत-पाकिस्तान के अच्छे रिश्तों की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान और भारत के बीच अच्छे संबंध चाहते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार को लेकर कहा कि भाजपा एक राष्ट्रवादी पार्टी है। जब तक भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है, तब तक ऐसा होने की गुजाइंश नहीं है।

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ब्रिटिश अखबार दिए साक्षात्कार में 70 वर्षीय इमरान खान ने इस बारे में भी बात की कि यदि दोनों पड़ोसी देश एक-दूसरे के साथ व्यापार स्थापित करते हैं, तो क्या आर्थिक फायदे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि फायदे तो काफी होंगे। उन्होंने दलील दी कि कश्मीर मुद्दा मुख्य बाधक है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं समझता हूं कि यह संभव है। भाजपा सरकार का इन मुद्दों पर राष्ट्रवादी दृष्टिकोण है। यह निराशाजनक है , क्योंकि आपके पास हल के लिए कोई गुजाइंश नहीं है, वे राष्ट्रवादी भावनाएं भड़काते हैं। एक बार राष्ट्रवाद का यह जिन्न बोतल से बाहर आ गया, तो उसे वापस डालना बड़ा मुश्किल होता है। हालांकि, भारत ने बार-बार पाकिस्तान से कहा है कि वह आतंकवाद, दुश्मनी एवं हिंसा से मुक्त माहौल में उसके साथ सामान्य पड़ोसी जैसा संबंध रखना चाहता है।
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इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को सत्ता में वापसी के लिए प्रचार करने की जरूरत नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव देश को चल रही आर्थिक उथल-पुथल से बाहर निकालने के लिए जरूरी हैं। सरकार चुनाव में जितनी देरी करेगी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के लिए उतना ही फायदेमंद होगा। हमें देश की मौजूदा स्थिति के कारण प्रचार करने की भी जरूरत नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि मुल्क को स्पष्ट बहुमत वाली सरकार की जरूरत है। ऐसी सरकार ही साहसिक निर्णय ले सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली संघीय सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नई सरकार को देश की दिशा सही करने के लिए कड़े फैसले लेने होंगे।
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