पृथ्वी को चपटी साबित करने की कोशिश में अमेरिका के स्वघोषित वैज्ञानिक और खोजी माइकल ह्यूग्स की मौत हो गई। मैड माइक नाम से पहचाने जाने वाले ह्यूग्स अपने बनाए रॉकेट में सवार हो गए थे, जो उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही कैलिफॉर्निया के रेगिस्तान में गिर गया। ह्यूग्स का मानना था कि पृथ्वी गोल नहीं चपटी है। इसी बात का प्रमाण देने के लिए वह पृथ्वी के वातावरण और बाहरी अंतरिक्ष की सीमा तक जाना चाहते थे।
साइंस चैनल अपनी आने वाली सीरीज ‘होममेड एस्ट्रोनॉट’ में 64 साल के माइकल ह्यूग्स की कहानी दिखाने वाला था। चैनल ने ही ट्वीट कर बताया, अपने बनाए रॉकेट में ह्यूग्स की मौत हो गई। हमेशा से उनका सपना था कि उनका सफर चैनल पर दिखाया जाए।
वीडियो में दिख रहा है कि मोजावे डेजर्ट से रॉकेट उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद गिर गया। 64 साल के ह्यूग्स रॉकेट के उड़ान भरने के दौरान शायद बेहोश हो गए थे। पैराशुट खुलने के दौरान फट गया। रॉकेट सीधे पहले ऊपर की तरफ गया और फिर घूम कर सीधे जमीन पर आ गिरा। रॉकेट लॉन्चर एक ट्रक के पिछले हिस्से पर लगाया गया था।
कार से लगाई थी 103 फीट लंबी छलांग
ह्यूग्स को 2002 में तब ख्याति मिली जब उन्होंने स्पीडवे से लिमोजिन कार से 103 फीट लंबी छलांग लगाई। इस स्टंट को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने ‘लिमोजिन की सबसे लंबी रैंप जंप’ के रूप में दर्ज किया। इससे पहले ह्यूग्स ने ही लास वेगास में कार से 75 फीट लंबी छलांग लगाई थी।