अमेरिकी यूरोपीय कमांड ने 42-सेकंड का एक वीडियो जारी किया है जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि रीपर ड्रोन उड़ रहा है तभी पीछे से एक रूसी लड़ाकू विमान आया और उसने ड्रोन पर फ्यूल डाल दिया। जिसकी वजह से वह खराब हो गया और समुद्र में गिर गया।
अमेरिका और रूस के बीच ड्रोन को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिका ने मंगलवार को आरोप लगाया कि एक रूसी लड़ाकू जेट ने और टोही मिशन के दौरान उसके एक रीपर ड्रोन को मार गिराया जिसकी वजह से वह ब्लैक सी में गिर गया। लेकिन रूस ने इस बात से इनकार किया कि उसने जानबूझकर ड्रोन को नीचे गिराया। लेकिन अब अमेरिका ने एक वीडियो जारी कर रूस के दावों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
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अमेरिकी यूरोपीय कमांड ने 42-सेकंड का एक वीडियो जारी किया है जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि रीपर ड्रोन उड़ रहा है तभी पीछे से एक रूसी लड़ाकू विमान आया और उसने ड्रोन पर फ्यूल डाल दिया। जिसकी वजह से वह खराब हो गया और समुद्र में गिर गया। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह जानबूझकर किया है।
अमेरिका के रक्षा मंत्री ने दी चेतावनी
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अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने बयान जारी कर कहा कि जहां-जहां अंतरराष्ट्रीय कानून उड़ान की इजाजत देते हैं, वहां अमेरिका अपने एयरक्राफ्ट उड़ाता रहेगा। यह रूस के ऊपर है कि वह अपने एयरक्राफ्ट को सुरक्षित और सही तरीके से संचालित करे। ड्रोन गिराने की घटना को अमेरिका ने रूस की लापरवाही और गलत रवैया करार दिया है।
सेना प्रमुख बोले- रूस ने जानबूझकर गिराया ड्रोन
अमेरिका के सेना प्रमुख मार्क माइली ने कहा कि 'पेंटागन घटना के वीडियो का विश्लेषण कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि असर में हुआ क्या था।' मार्क माइली ने कहा कि 'हम जानते हैं कि जानबूझकर हमारे ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया। हम जानते हैं कि यह जानबूझकर उग्र तरीके से किया गया और यह बेहद गलत और असुरक्षित है।'
रूस ने लगाए जासूसी के आरोप
वहीं रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई सोइगु ने भी अमेरिकी रक्षा मंत्री के साथ बातचीत के दौरान अमेरिका पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा रूस की जासूसी की जा रही है और अब ऐसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। इसी वजह से लड़ाकू विमान से ड्रोन टकराने की घटना हुई। रूस ने ये भी कहा है कि अमेरिका के रणनीतिक ड्रोन का क्रीमिया के तट पर उड़ान भरना उकसावे की कार्रवाई है। इससे दोनों देशों के बीच काला सागर इलाके में लड़ाई के हालात बन सकते हैं। रूस ने भी कहा कि अगर उकसावे की कार्रवाई जारी रही तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।