चीन ने कहा- संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान हो
यूएनएससी में चीन के स्थायी प्रतिनिधि झांग जून ने कहा कि हम मानते हैं कि सभी राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बरकरार रखा जाना चाहिए।
जून ने कहा कि एक देश की सुरक्षा दूसरे देशों की सुरक्षा को कमजोर करने की कीमत पर नहीं हो सकती... चीन ने वोट में भाग नहीं लिया है.. यूक्रेन को पूर्व और पश्चिम के बीच एक सेतु बनना चाहिए।
रूस का हमला नग्न आक्रामकता : ब्रिटेन
संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन की राजदूत बारबरा वुडवर्ड ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया है। उनका उद्देश्य वहां की सरकार को हटाना और लोगों को अपने अधीन करना है। यह आत्मरक्षा नहीं है। यह नग्न आक्रामकता है।
यूक्रेन की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र की दो करोड़ डॉलर देने की घोषणा
रूसी हमले के बाद, युद्ध प्रभावित देश में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय अभियानों को तेज करने के लिए यूएन ने दो करोड़ डॉलर की मदद तत्काल देने की घोषणा की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने कहा कि यूएन और उसके मानवतावादी सहयोगी जरूरत के वक्त में यूक्रेनी लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं, यह बात मायने नहीं रखती कि वे कौन हैं और कहां हैं।
गुटेरस ने कहा, मरने वालों की संख्या बढ़ रही है, हम यूक्रेन के हर कोने में भय, पीड़ा और आतंक का मंजर देख रहे हैं। ऐसे संकट में निर्दोष जनता हमेशा भारी कीमत चुकाती है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय अभियानों के प्रमुख मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा कि यूएन के केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष से दो करोड़ डॉलर पूर्वी दोनेस्क और लुहांस्क तथा देश के अन्य क्षेत्रों में आपात अभियानों को मदद पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा, संघर्ष से प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य देखभाल, आश्रय, भोजन, पानी आदि की मदद मुहैया कराने में भी इसके तहत सहयोग किया जाएगा।
यूक्रेन के बाद ताइवान में भी उठी सुरक्षा को लेकर चिंताएं : रिपोर्ट
यूक्रेन पर रूसी हमले ने एक और जगह पर दुनिया का ध्यान खींचा है। यह जगह है ताइवान, जिसकी संप्रभुता पर चीन पहले से निगाह गढ़ाए बैठा है। कुछ विश्लेषकों ने स्व-शासित ताइवान पर अपने नियंत्रण का दावा करने के लिए चीनी धमकियों की यूक्रेन हमलों से तुलना की है। विश्लेषकों को डर है कि चीन भी रूस के समान ताइवान पर हमले को लेकर विचार कर सकता है।
बता दें कि चीन पहले से ही ताइवान में सैन्य अभियान चलाने की धमकियां देता रहा है। यहां लोकतंत्र की आजादी की तरफ रुझान रखने वाली राष्ट्रपति साइ इंग-वे के 2016 में पदभार ग्रहण करने के बाद से चीन का ताइवान पर ध्यान गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के संस्थान और तमकांग में रणनीतिक अध्ययन के प्रोफेसर काओ-चेंग वांग ने कहा कि अमेरिका शायद ताइवान को ज्यादा महत्व देता है इसलिए हमें देखना होगा कि यह संघर्ष कैसा होगा। ताइवान की सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद वांग टिंग-यू ने कहा, मौजूदा हालात में हम किनारे पर नहीं बैठ सकते। सिंगापुर के नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के चीनी विशेषज्ञ ली मिंजियांग ने कहा कि फिलहाल ताइवान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना नहीं है।
ताइवान का दावा, हमारे रक्षा क्षेत्र में घुसे चीन के 9 लड़ाकू विमान
रूस-यूक्रेन तनाव के बीच चीन ने भी ताइवान को अपना हिस्सा बताकर एक पुराने विवाद को फिर हवा दी है। ताइवान ने दावा किया है कि चीन के 9 लड़ाकू विमानों ने ताइवान उसके हवाई रक्षा क्षेत्र में घुसपैठ की है। चीन के लड़ाकू विमान पहले भी कई बार ताइवान के एयर डिफेंस जोन में घुसपैठ करते रहे हैं। गत वर्ष नवंबर में चीन के 27 लड़ाकू विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की थी।