उनसे प्यार करो या नफरत, इस बात से इनकार करना मुश्किल है कि पुतिन ने अपने देश और दुनिया पर बहुत प्रभाव डाला है। उनके आलोचकों का कहना है कि उन्होंने अपने देश में निरंकुश संस्कृति बना दी है, लेकिन उनके प्रशंसक उन्हें देश में स्थिरता लाने और पश्चिम के मुकाबले में खड़े होने की बड़ी वजह मानते हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग का सोमवार को पांचवां दिन है। रूस के चौतरफा ताबड़तोड़ हमले से यूक्रेन में तबाही का मंजर पसर गया है। हालांकि यूक्रेन ने अभी तक हार नहीं मानी है। दोनों देशों के बीच चल रही जंग थमेगी या नहीं इसे लेकर बेलारूस में रूस-यूक्रेन के बीच अति महत्वपूर्ण बातचीत में शुरू हो गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि रूस के साथ बातचीत का उसका मुख्य लक्ष्य तत्काल युद्धविराम और रूसी सैनिकों की वापसी है।
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यूक्रेन को युद्ध की इस भीषण आग में झोंकने वाले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक हैं, लेकिन दुनिया भर में सुर्खियों में रहने के बाद भी रूस के राष्ट्रपति अपने जीवन, अपने परिवार और अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि के बारे में काफी कुछ गुप्त रखते हैं।
हंगरी के प्रधान मंत्री विक्टर ओर्बन के एक बयान में कहा ‘क्या कोई है जिसने पुतिन के व्यक्तित्व को देखा है? वह ऐसे व्यक्ति नहीं है जिनके बारे में आप सब कुछ जानते हों। इसलिए आप उनकी ऐसी कल्पना मत करिए जैसा आप पश्चिमी नेताओं की करते हैं।’
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हंगरी के प्रधानमंत्री के मुताबिक ‘पश्चिमी राजनीतिक संस्कृति में व्यक्तिगत संबंध और व्यक्तिगत के आधार पर एक-दूसरे को जानना, रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। रूसी राजनीति में यह पूरी तरह असंभव है। बहरहाल, लोग आज भी पुतिन के व्यक्तित्व के बारे में कयास लगाते हैं।’
बाबा वेंगा की पुतिन पर भविष्यवाणी
- फोटो : Pixabay
आइए जानते हैं पुतिन के बारे में कुछ दिलचस्प बातें
1. 2036 तक राष्ट्रपति बनने का रास्ता खुद बना लिया
वह 2000 से सत्ता में हैं। सोवियत तानाशाह जोसेफ स्टालिन के बाद वह सबसे लंबे समय तक सर्वोच्च पद पर रहने वाले नेता हैं। 2018 में वे छह साल के लिए फिर से राष्ट्रपति चुने गए।
वैसे राष्ट्रपति पुतिन का कार्यकाल 2024 में खत्म हो जाता, लेकिन उन्होंने नए कानून पर हस्ताक्षर करके 2036 तक रूस की सत्ता में बने रहने का अपना रास्ता साफ कर लिया है।
रूस के संविधान के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति लगातार दो कार्यकाल से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं बन सकता, लेकिन नए कानून के आने के बाद पुतिन 2024 में फिर से राष्ट्रपति के लिए दावेदारी कर सकते हैं।
कानून पर हस्ताक्षर करने के बाद उनके पास 6-6 साल के दो कार्यकाल और होंगें। इसलिए अब उनके 2036 तक राष्ट्रपति बने रहने का मौका है।
डोनाल्ड ट्रंप-व्लादिनीर पुतिन
2. दुनियाभर के कई नेता मुरीद
भले ही अभी पुतिन दुनिया के कई देशों के आंखों की किरकिरी बन गए हों, लेकिन यूक्रेन पर युद्ध छेड़ने से पहले तक विश्व नेताओं और प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों का एक महत्वपूर्ण समूह है जो पुतिन की बहुत प्रशंसा करते रहे हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ समय पहले ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 'जीनियस' और शांतिदूत बताया था। जिसका मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन ने खूब मजाक उड़ाया था।
उनका फैन क्लब वैश्विक है, जो एशिया, मध्य पूर्व, अमेरिका और यूरोप में फैला हुआ है। यूक्रेन पर मौजूदा संकट के दौरान फॉक्स न्यूज के सबसे प्रभावशाली कमेंटेटर टकर कार्लसन ने पुतिन का खुलकर समर्थन किया है।
पश्चिमी यूरोप में पुतिन के अन्य प्रमुख प्रशंसकों में ब्रेक्सिट समर्थक निगेल फराज और इटली के हार्ड-राइट लीग के नेता और पूर्व उप प्रधान मंत्री माटेओ साल्विनी शामिल हैं।
3. नेताओं के रोल मॉडल बनने लगे
जब पुतिन पहली बार 1999-2000 में रूस के नेता के रूप में उभरे, तो वे मजबूत राष्ट्रवादी की तरह दिख रहे थे। जर्मनी की पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल ने एक बार कहा था पुतिन 19वीं शताब्दी की तकनीकों को एक अलग युग में लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। धीरे-धीरे पुतिन नेताओं की एक पीढ़ी के मॉडल बनने लगे।
2014 में रूस के क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद न्यूयॉर्क सिटी के पूर्व मेयर रूडी गिउलिआनी ने उनकी तारीफ में कसीदे गढ़े और कहा ‘वह एक निर्णय लेते हैं और वह जल्दी से क्रियान्वित करते हैं। इसे आप एक नेता कहते हैं।’ वहीं हंगरी के प्रधान मंत्री विक्टर ओर्बन पुतिन ने भी पहले बयान दे चुके हैं कि पुतिन ने अपने देश को फिर से महान बना दिया है।
व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : Social Media
4. नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामित रहे हैं
यह परस्पर विरोधी बातें लग सकती हैं कि जिस व्यक्ति पर यूक्रेन पर हमला करने का आरोप लग रहा है और जिसकी वजह से यूक्रेन में तबाही मची हुई है उसी पुतिन को 2014 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया।
सीरिया में अमेरिकी मिसाइल हमला रोकने और दमिश्क के रासायनिक हथियारों को नष्ट करने के प्रयासों में भूमिका के लिए रूसी अधिकारों की पैरवी करने वाले एक समूह ने इसके लिए उन्हें नामित किया था।
5. पशु अधिकारों के वकील
व्लादिमीर पुतिन के व्यक्तित्व का एक नरम पक्ष जानवरों के प्रति उनका प्यार है। उनके घर में कई पालतू कुत्ते हैं। वाशिंगटन पोस्ट व्लादिमीर पुतिन को ‘एक प्रसिद्ध पशु प्रेमी’ बताया है। विभिन्न जानवरों के साथ फोटो खिंचवाना उन्हें पसंद है।
कहा जाता है कि वे बाघ, भालू, डॉल्फिन और सारस जैसी विभिन्न जानवरों की प्रजातियों के अनुसंधान में सहायता करने में मदद करते हैं। वह जानवरों के बेहतर इलाज के लिए कानूनों बनाने पर जोर देते हैं। रूस में जानवरों के प्रति उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवहार पर बने कानून की वजह से ही मॉल और रेस्तरां के अंदर पालतू जानवरों को ले जाना और आवारा जानवरों की हत्या करना प्रतिबंधित है। यहां जानवरों की उचित देखभाल करना जरूरी है।
6. काम का जुनून बनी तलाक की वजह
व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सभी उपलब्धियों की बड़ी कीमत भी चुकाई है। 2013 में उनका पत्नी ल्यूडमिला से तलाक हो गया। दोनों की शादी 1983 में हुई थी। दंपति की दो बेटियां मारिया और कतेरीना हैं। राजनीति में आने के बाद से वे उनके साथ रहीं, लेकिन धीरे-धीरे पुतिन की व्यस्तता ने दोनों को दूर कर दिया। तलाक के बाद पुतिन ने उस समय मीडिया से बस इतना कहा, हम एक-दूसरे से ज्यादा मिल नहीं पाते हैं। वहीं ल्यूडमिला ने कहा था व्लादिमीर अपने काम में व्यस्त रहते हैं।
7. अपनी निजी जिंदगी छुपा कर रखते हैं पुतिन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुतिन बिल्कुल पारिवारिक व्यक्ति नहीं हैं। उनके परिवार को कभी भी सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया। उनकी बेटियां भी शायद ही कभी किसी को नजर आई हों। बहुत कम मौकों पर उन्होंने अपनी बेटियों का जिक्र किया, लेकिन उनके नाम नहीं बताए। विदेशी टैब्लॉइड्स बताते हैं कि एक पूर्व जिमनास्टिक चैंपियन जो सांसद बन गई, उन दोनों के रिश्ते रहे हैं और उनका एक बेटा भी है। हालांकि पुतिन ने इन रिपोर्टों का खंडन किया।