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Russia-Ukraine War: शांति की कवायद के बीच रुबियो रूसी समकक्ष लावारोव से मिले; कहा- ट्रंप पुतिन से निराश व हताश

Fri, 11 Jul 2025 03:39 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कुआला लंपुर

सार

मलयेशिया में आसियान सम्मेलन के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात कर यूक्रेन संघर्ष को लेकर अहम बातचीत की। रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति वार्ता में प्रगति न होने पर गहरी निराशा और गुस्सा लावरोव के सामने रखा। उन्होंने कहा कि अमेरिका सभी पक्षों से बातचीत जारी रखेगा और इससे मिले सुझाव ट्रंप तक पहुंचाए जाएंगे, जिससे आगे कोई समाधान निकल सके।

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अमेरिका के विदेश मार्को रुबियो, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन - फोटो : एएनआई/ पीटीआई
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर दुनियाभर में चर्चा हो रही है। इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को मलयेशिया में अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। यह मुलाकात आसियान सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध और शांति प्रयासों को लेकर अहम बातचीत हुई। रुबियो ने इस बैठक को जरूरी बताया। साथ ही कहा कि उन्होंने इस संघर्ष को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की निराशा और गुस्से को लावरोव के सामने दोहराया। उन्होंने बताया कि ट्रंप यूक्रेन युद्ध में शांति वार्ता की धीमी प्रगति से बेहद नाराज हैं।

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संघर्ष खत्म नहीं होने पर ट्रंप की नाराजगी
सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान रुबियो ने कहा कि हम सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करते रहेंगे, जैसे आज की बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को लेकर मैंने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से मैंने दो बातें साफ तौर पर कही, एक तो निराशा और दूसरा यह कि अब तक शांति वार्ता में कोई ठोस रास्ता नहीं निकला है। रुबियो ने बताया कि बैठक में कुछ विचार साझा किए गए जिन्हें वे अमेरिका जाकर राष्ट्रपति ट्रंप को बताएंगे। उन्होंने उम्मीद जताया कि शायद इन सुझावों से आगे कोई रास्ता निकाले।

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रूस की प्रतिक्रिया और बातचीत के मुद्दे
साथ ही मामले में जब पत्रकारों ने पूछा कि इसपर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने क्या प्रतिक्रिया दी, तो रुबियो ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बात करना ठीक नहीं होता, लेकिन विचारों का आदान-प्रदान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन युद्ध के अलावा बैठक में कुछ और मुद्दों पर भी चर्चा हुई, लेकिन सबसे प्रमुख विषय यही था।

डोनाल्ड ट्रंप, व्लादिमीर पुतिन - फोटो : एएनआई (फाइल)
क्यों नाराज हैं डोनाल्ड ट्रंप?
इसके साथ ही ट्रंप की नाराजगी के कारणों पर जोर देते हुए रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप युद्धों को पैसे और जिंदगियों की बर्बादी मानते हैं और वे इस युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि रूस की तरफ से इस साल जनवरी से अब तक करीब एक लाख सैनिकों की मौत हुई है, जबकि यूक्रेन की तरफ से भी काफी नुकसान हुआ है। रुबियो ने कहा कि हर बार जब कोई हमला होता है और लोग मरते हैं, ट्रंप को बहुत दुख होता है और ऐसे में उनका केलव एक ही उद्देश्य है कि इस युद्ध को समाप्त कर आम नागरिकों की मौतों को रोका जा सके। 

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बेनतीजा रही ट्रंप पुतिन की बातचीत
हालांकि इस बैठक से कुछ दिन पहले ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। लेकिन ट्रंप ने साफ कहा था कि इस बातचीत में यूक्रेन युद्ध रोकने के प्रयासों में कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हमने ईरान और यूक्रेन युद्ध समेत कई मुद्दों पर बात की, लेकिन मैं इस बात से खुश नहीं हूं कि कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

रूस और यूक्रेन के बीच धुंधली होती शांति की उम्मीदें
गौरतलब है कि रुबियो और लावरोव की यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब यूक्रेन पर रूस के हमले तेज हो गए हैं और शांति की उम्मीदें धुंधली दिख रही हैं। अमेरिका, खासकर ट्रंप प्रशासन, युद्ध खत्म करने के लिए लगातार बातचीत को तैयार है, लेकिन रूस की लचीलापन न दिखाने की नीति से अमेरिका निराश है। ऐसे में अब सबकी निगाहें आने वाले हफ्तों पर होंगी, कि क्या इन बातचीतों से कोई ठोस पहल निकलती है या युद्ध ऐसे ही चलता रहेगा।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी - फोटो : X/GiorgiaMeloni/X @ZelenskyyUa

संघर्ष के बीच यूरोपीय नेताओं की अपील, यूक्रेन में निवेश कीजिए, डरिए मत
इसी बीच इटली की राजधानी रोम में गुरुवार को यूक्रेन रिकवरी कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई, जहां यूरोपीय नेताओं ने निजी कंपनियों और निवेशकों से अपील की कि वे अभी से यूक्रेन के पुनर्निर्माण में निवेश करें, भले ही रूस ने युद्ध को और तेज कर दिया हो। कॉन्फ्रेंस की शुरुआत इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने की। इस दौरान मेलोनी ने कहा कि इस सम्मेलन में 10 अरब यूरो (लगभग ₹90,000 करोड़) से ज्यादा के निवेश को बढ़ावा देने के लिए गारंटी और अनुदानों के कई समझौते फाइनल किए जाएंगे।

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यूरोपीय आयोग ने यूरोपियन फ्लैगशिप फंड फॉर रिकंस्ट्रक्शन ऑफ यूक्रेन किया लॉन्च
यूरोपीय आयोग ने भी यूरोपियन फ्लैगशिप फंड फॉर रिकंस्ट्रक्शन ऑफ यूक्रेन नाम से एक नया इक्विटी फंड लॉन्च किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा फंड होगा। मेलोनी ने कंपनियों से कहा कि यूक्रेन के पुनर्निर्माण को खतरा न समझें, यह एक मौका है। यह वह देश है जिसने दुनिया को अपनी जबरदस्त हिम्मत दिखाई है। जेलेंस्की ने भी निवेशकों से कहा कि यूक्रेन की डिफेंस इंडस्ट्री में निवेश न केवल यूक्रेन, बल्कि यूरोप की सुरक्षा के लिए भी अहम है। उन्होंने कहा कि हमारे पास दुनिया की सबसे एडवांस ड्रोन टेक्नोलॉजी है। हम इसे अपने साझेदारों के साथ बांटने को तैयार हैं। आप निवेश लाइए, हम टेक्नोलॉजी और स्किल देंगे। जो आज यूक्रेन को बचा रहा है, वही कल आपको भी बचाएगा।

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