रूसी आक्रमण का खतरा 'बहुत अधिक': बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को कहा कि रूसी आक्रमण का खतरा "बहुत अधिक" है क्योंकि उन्होंने अपने किसी भी सैनिक को वापस नहीं बुलाया है। बाइडन ने कहा, "हमारे पास यह मानने का कारण है कि वे यूक्रेन पर हमला करने का बहाना बनाने के लिए एक झूठे ऑपरेशन में लगे हुए हैं।"
बाइडन ने कहा कि "हमें संकेत मिल रहे हैं कि रूस यूक्रेन के अंदर जाने के लिए और उस पर हमला करने के लिए तैयार है।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अभी भी 'राजनयिक मार्ग' खुले हैं। हालांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या वह पुतिन को बुलाएंगे, बाइडन ने कहा, "पुतिन को बुलाने की मेरी कोई योजना नहीं है।"
युद्ध का ट्रिगर दबा सकते हैं पुतिन : ब्लिंकेन
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने एबीसी न्यूज से बात करते हुए कहा है कि रणनीतिक दस्ते यूक्रेन सीमा की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, हमने बलों की वापसी का कोई संकेत नहीं देखा है। राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन युद्ध का ट्रिगर कभी भी दबा सकते हैं। वह इसे आज दबा सकते हैं, वह इसे कल दबा सकते हैं, वह इसे अगले सप्ताह दबा सकते है।
सैन्य तैनाती जारी
रूस द्वारा सैन्य वापसी के एलान के बावजूद यूक्रेन सीमा पर तनाव जारी है। अमेरिका ने अपने पांच हजार सैनिकों की पोलैंड व रोमानिया में तैनाती शुरू कर दी है। ब्रिटेन भी सैकड़ों की संख्या में सैनिकों को पोलैंड भेज रहा है एवं अतिरिक्त युद्धपोत और विमानों की पेशकश कर रहा हैं। जर्मनी, नीरदलैंड व नार्वे अतिरिक्त सैनिक लिथुआनिया भेज रहे हैं। हवाई सुरक्षा के लिए डेनमार्क और स्पेन लड़ाकू विमान मुहैया करा रहे हैं।
अमेरिकी उम्मीद : रूस ने हमला किया तो भारत देगा अमेरिका का साथ
अमेरिका ने कहा है कि भारत नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। उसने उम्मीद जताई कि यदि रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो भारत निश्चित ही अमेरिका का साथ देगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बताया कि हाल ही में मेलबर्न में हुई क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भारत के साथ रूस और यूक्रेन के मुद्दे पर चर्चा हुई है।
उन्होंने कहा, हम जानते हैं हमारे भारतीय साझेदार नियम आधारित विश्व व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। इस व्यवस्था में अनेक नियम हैं, उनमें से एक यह है कि सैन्य बल के जरिये सीमाओं का पुनर्निर्धारण नहीं हो सकता। भारत व अन्य पड़ोसियों के विरुद्ध चीन के आक्रामक रुख का प्रत्यक्ष जिक्र करते हुए प्राइस ने कहा, बड़े देश छोटे देशों को परेशान नहीं कर सकते। किसी देश के लोग अपनी विदेश नीति, अपने साझेदार, गठबंधन सहयोगी आदि चुनने के हकदार हैं।
वेनेजुएला ने लिया रूस से सैन्य सहयोग का संकल्प
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने रूस के साथ शक्तिशाली सैन्य सहयोग का संकल्प लिया है। अधिकारियों के बीच बुधवार को हुई उच्च-स्तरीय चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। इससे एक दिन पहले अमेरिका तथा कई अन्य देशों ने वेनेजुएला में लंबे समय से चले आ रहे संकट का समाधान निकालने के लिए बातचीत की थी। मादुरो ने कहा, हमने शांति, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए रूस के साथ सैन्य सहयोग का रास्ता खोला है। उन्होंने कहा, हम दुनिया की एक सैन्य ताकत रूस के साथ मिलकर तैयारी, प्रशिक्षण और सहयोग को आगे बढ़ाएंगे।
रूस-यूक्रेन संकट के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पोलैंड पहुंचे
रूस और यूक्रेन संकट के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन गुरुवार को पोलैंड पहुंचे। उन्होंने ट्वीट किया, "अमेरिका पोलैंड के साथ गठबंधन और साझा मूल्यों की गहरी सराहना करता है, और मैं विशेष रूप से अमेरिकी सैनिकों की शानदार मेजबानी के लिए उनका आभारी हूं।"