कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो पहले ही नाकाबंदी करने वाले प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कह चुके हैं, ‘हमने आपको सुन लिया है और अब आपके घर जाने का समय हो गया है।’
वैक्सीन जनादेश, मास्क और लॉकडाउन का विरोध करने के लिए कनाडा में करीब 20 दिनों से चल रहे ट्रक ड्राइवरों के प्रदर्शन के कारण वे ट्रक डाइवर्स भारी परेशानी में फंस गए हैं जो इसके जरिए ही अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। कनाडा के कई ट्रक ड्राइवर्स अब आंदोलन और ‘फ्रीडम कान्वॉय’ से खुद को दूर करने के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं क्योंकि ओटावा में विरोध प्रदर्शन और गतिरोध के कारण उनके व्यवसाय और जिंदगी पर बुरा असर पड़ने लगा है।
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अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आंदोलन से खुद को दूर करने वाले ट्रक डाइवर्स का मानना है कि इस प्रदर्शन और राजधानी को घेरने की वजह से ड्राइवरों की मदद नहीं हुई है बल्कि उनकी परेशानियां बढ़ी है और वे श्रम मुद्दों को आगे बढ़ाने में विफल रहे हैं। ट्रक संघों और कनाडाई अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश ड्राइवरों को पहले ही टीका लगाया जा चुका है और इस प्रदर्शन में कनाडा के ट्रक ड्राइवरों का केवल एक छोटा हिस्सा ही शामिल हुआ था।
पिछले तीन हफ्ते से ट्रकों और दूसरे वाहनों के साथ हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने राजधानी ओटावा की सड़कों को बंद कर दिया जिससे जन-जीवन ठप पड़ा हुआ है। ट्रक डाइवरों ने अपने प्रदर्शन को ‘फ्रीडम कान्वॉय’ नाम दिया था, और 28 जनवरी को सैंकड़ों प्रदर्शनकारी संसद के क्षेत्र में घुस आए थे। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया ट्रकों का काफिला 70 किलोमीटर लंबा था। फ्रीडम कान्वॉय ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा था। बताया जा रहा है कि लगभग 32 प्रतिशत कनाडाई विरोध के प्रति व्यापक सहानुभूति रखते हैं, लेकिन यह आंदोलनबहुत लोकप्रिय नहीं हुआ।
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कनाडा के ट्रक ड्राइवरों का 'फ्रीडम कान्वॉय’
- फोटो : Social Media
सिर्फ कुछ लोग सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे
2016 के एक सर्वेक्षण के अनुसार, कनाडा के लगभग 180,000 ट्रैक्टर-ट्रेलर चालकों में से लगभग एक तिहाई अप्रवासी हैं। ऐसे ही अप्रवासियों और दक्षिण एशियाई ट्रक ड्राइवरों के लिए एक कनाडाई पत्रिका रोड टुडे का प्रकाशन करने वाले प्रकाशक मनन गुप्ता के एक बयान के मुताबिक ‘कुछ मुखर अल्पसंख्यक हैं, जो सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एक बड़ा वर्ग वास्तव में दिन-रात काम कर रहा है।’ उनके मुताबिक विरोध प्रदर्शनों के कारण कनाडा की सीमा पर लंबी कतारें लगीं और सीमा पार करने में काफी देरी हुई। ड्राइवरों को लंबा चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा और यह बात उन ड्राइवरों को पसंद नहीं आई जो इस प्रदर्शन में शामिल नहीं थे। इन ड्राइवरों ने मुश्किलों को झेलते हुए भी हमारी सप्लाई चेन बाधित नहीं होने दी और आपूर्ति जारी रही।
कनाडा के वेस्ट कोस्ट ट्रकिंग एसोसिएशन के प्रवक्ता अजय सिंह तूर ने अपने एक बयान में कहा, ‘वे गलत जगह और गलत समय पर हमारे नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।’ कनाडा के ट्रकिंग एलायंस के अध्यक्ष स्टीफन लास्कोवस्की ने सोमवार को एक बयान में कहा, ‘हमारे पेशेवर ड्राइविंग समुदाय पर इस आंदोलन का बहुत नकारात्मक प्रभाव हुआ है। इस अवैध अवरोधों की वजह से हमारे सदस्यों और ग्राहकों के व्यवसायों पर भी हानिकारक असर पड़ा है।’
अमेरिकी ऑटो कंपनियां उत्पादन कम करने के लिए मजबूर हुईं
रिपोर्ट्स बताते हैं कि ओटावा में ट्रक डाइवर्स के प्रदर्शन के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है अमेरिका के साथ व्यापार में कई बाधाएं आ रही हैं। इसी वजह से अमेरिकी ऑटो कंपनियों को उत्पादन कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा और विशेषज्ञों ने चेताया कि यह अशांति कनाडा को जबरदस्त झटका दे सकता है। विंडसर-एसेक्स रीजनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुसार पिछले सप्ताह तक तीन अमेरिका-कनाडा सीमा क्रॉसिंग समेत डेट्रॉइट और विंडसर के बीच महत्वपूर्ण अंबेस्डर ब्रिज को बंद कर दिया गया था, जिसका आर्थिक गतिविधियों में 13.5 मिलियन डॉलर प्रति घंटे का योगदान है।
कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो
- फोटो : Facebook
ट्रकिंग अलायंस ने सरकार का समर्थन किया
हालांकि कनाडा की पुलिस ने रविवार रात डेट्रॉइट और विंडसर को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण सीमा क्रॉसिंग अंबेस्डर ब्रिज की नाकाबंदी को हटा दिया और सोमवार को कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने देश में आपातकालीन अधिनियम को लागू कर दिया, जो राष्ट्रीय आपात स्थितियों का जवाब देने के लिए सरकार को व्यापक शक्तियां प्रदान करता है। कनाडाई ट्रकिंग एलायंस ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया है।
ओटावा पुलिस का प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम
दूसरी तरफ कनाडाई पुलिस ने बुधवार को उन प्रदर्शनकारियों को एक अल्टीमेटम भी जारी किया, जो 20 दिनों से ओटावा की सड़कों पर जाम लगा रहे हैं। ओटावा पुलिस ने संसद के बाहर डटे ट्रक डाइवरों के बीच एक नोटिस बांटकर कर कहा है ‘आपको अब क्षेत्र छोड़ देना चाहिए।’ बयान में कहा गया है कि सड़कों को अवरुद्ध करने या ऐसा करने में दूसरों की सहायता करने वाले को गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही उन पर मामला दर्ज कर उनके ट्रकों को जब्त कर लिया जाएगा। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि अवैध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए आरोपित या दोषी ठहराए गए किसी भी व्यक्ति को आपराधिक दंड दिए जाने के अलावा उनके अमेरिका जाने पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
ओटावा में क्यों हुआ इतना बड़ा प्रदर्शन?
दरअसल इतने बड़े विवाद के पीछे सीमा पार करने वाले ट्रक ड्राइवरों के लिए वैक्सीन को जरूरी बनाए जाने का सरकार का फैसला है। इसी सिलसिले में पीएम ने अपने कथित तौर पर अपने विवादित बयान में कहा था कि ट्रक वाले दूसरे लोगों के लिए खतरा है। पीएम ने उन्हें 'महत्व नहीं रखने वाले अल्पसंख्यक' करार देते हुए उनके लिए 15 जनवरी तक वैक्सीन सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य कर दिया था वरना उन्हें आइसोलेट होने की चेतावनी दी गई थी।
कनाडा में प्रवेश करने वाले ट्रक डाइवर्स इसी नियम और पीएम के विवादित बयान का विरोध कर रहे हैं। ट्रक चालक अमेरिका की सीमा को पार करने के लिए वैक्सीन को अनिवार्य बनाए जाने के खिलाफ हैं। अमेरिका ने भी अपने यहां प्रवेश करने वाले ट्रक ड्राइवरों पर भी यही अनिवार्यता लागू की है।