रूस-यूक्रेन युद्ध - सांकेतिक तस्वीर
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रूस-यूक्रेन युद्ध ढाई साल से अधिक समय से जारी है। दोनों में से कोई भी देश पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस बीच, मॉस्को ने कीव पर हमले में पश्चिमी रॉकेटों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है, जो संभवतः अमेरिका में बनाए गए हैं। उसका कहना है कि कुर्स्क क्षेत्र में सेयम नदी पर बने पुल को पश्चिमी हथियारों से निशाना बनाया गया। इसकी वजह से नागरिकों को निकालने की कोशिश कर रहे स्वयंसेवकों की मौत हो गई।
रूस में अपनी घुसपैठ बढ़ा रहा कीव
यूक्रेन की सेना ने शुक्रवार को कुर्स्क के ग्लुशकोवस्की जिले में पुल पर हमला किया क्योंकि वे पश्चिमी रूस के क्षेत्र में अपनी घुसपैठ बढ़ा रहे हैं। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने शुक्रवार देर रात टेलीग्राम मैसेजिंग एप पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहली बार कुर्स्क क्षेत्र पर पश्चिमी देश में बने रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किया गया है। संभवतः अमेरिकी एचआईएमएआरएस से यह हमला किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि पुल पर हुए हमले का नतीजा यह था कि यह पूरी तरह नष्ट हो गया था। स्वयंसेवक जो नागरिकों को बाहर निकालने में मदद कर रहे थे, वो मारे गए।
लोगों की हत्या की गई
रूस की समाचार एजेंसी ने दो स्वयंसेवियों के नाम जारी करते हुए कहा कि हमले कर लोगों की हत्या कर दी गई। रूसी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि पुल के ध्वस्त होने से क्षेत्र से नागरिकों की निकासी में बाधा उत्पन्न होगी।
82 बस्तियों पर नियंत्रण
कुर्स्क में यूक्रेन की घुसपैठ अमेरिका और उसके कई नाटो सहयोगियों द्वारा मई में यह कहे जाने के कुछ महीने बाद हुई है कि उन्होंने कीव को रूस के अंदर लक्ष्य पर हमला करने के लिए अपने हथियारों का उपयोग करने की मंजूरी दी थी। कीव का दावा है कि उसने छह अगस्त से 1,150 वर्ग किमी (440 वर्ग मील) के क्षेत्र में रूस में 82 बस्तियों पर नियंत्रण कर लिया है।