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Russia: रूस ने LGBTQ मूवमेंट पर लगाया प्रतिबंध, बताया 'पश्चिम का प्रोपेगैंडा'

Fri, 01 Dec 2023 10:13 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विदेशी एजेंडा के खिलाफ कार्रवाई के तहत एलजीबीटीक्यू मूवमेंट को प्रतिबंधित किया गया है।
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lgbtq celebration (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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रूस के सुप्रीम कोर्ट ने देश में एलजीबीटीक्यू मूवमेंट पर प्रतिबंध लगा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस के कानून मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर एलजीबीटीक्यू मूवमेंट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, अब रूस में एलजीबीटीक्यू संबंधित गतिविधियां कट्टरपंथी गतिविधि मानी जाएगी। 
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'एलजीबीटीक्यू मूवमेंट सामाजिक और धार्मिक टकराव को बढ़ावा देता है'
रूस के कानून मंत्रालय का कहना है कि एलजीबीटीक्यू मूवमेंट सामाजिक और धार्मिक टकराव को बढ़ावा देता है। इस प्रतिबंध के बाद रूस में कई एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोगों को अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा है, जिसके चलते कई लोग देश छोड़कर भागने की भी तैयारी कर रहे हैं। बता दें कि अगले साल मार्च में रूस में राष्ट्रपति चुनाव होना है। ऐसे में माना जा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विदेशी एजेंडा के खिलाफ कार्रवाई के तहत एलजीबीटीक्यू मूवमेंट को प्रतिबंधित किया गया है। 

'पश्चिम का प्रोपेगैंडा'
बता दें कि रूस एलजीबीटीक्यू मूवमेंट को पश्चिमी प्रोपेगैंडा मानता है। वहीं रूसी राष्ट्रपति पुतिन पारंपरिक मूल्यों के समर्थक हैं। बीते साल अपने एक भाषण में भी पुतिन ने कहा था कि पश्चिमी देश नए ट्रेंड्स जैसे गे परेड आदि का स्वागत करते हैं लेकिन उन्हें इसे अन्य देशों पर नहीं थोपना चाहिए। तीन साल पहले रूसी संविधान में बदलाव किया गया था, जिसमें साफ किया गया था कि एक पुरुष और महिला के यूनियन को ही शादी माना जाएगा। समलैंगिक संबंधों को मान्यता नहीं दी जाएगी। 
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एलजीबीटीक्यू मूवमेंट पर प्रतिबंध लगाने के मामले की सुनवाई रूसी सुप्रीम कोर्ट में बंद दरवाजे में हुई और सिर्फ पत्रकारों को ही कोर्ट की सुनवाई में शामिल किया गया। वहीं एलजीबीटीक्यू समुदाय की तरफ से कोई भी इस सुनवाई में शामिल नहीं हुआ।
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