बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आतंकियों को हथियार और विस्फोटकों की सप्लाई करने वाले दोषियों का पता लगाने का संकल्प लिया। गणभवन में जापान के विदेश मामलों के राज्यमंत्री सेईजी किहारा के साथ हुई बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी की।
शेख हसीना के प्रेस सचिव एहसानुल करीम ने बैठक के बाद कहा, ‘गुलशन कैफे में हुए आतंकी हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस बर्बर हमले के लिए आतंकियों को हथियार और विस्फोटक की आपूर्ति करने वाले दोषियों की जड़ तक हमें पहुंचना चाहिए।’
मृतकों में तीन अमेरिकी यूनिवर्सिटी के छात्र
भारत की तारिषी जैन सहित अमेरिकी यूनिवर्सिटी के तीन छात्र उन 20 बंधकों में शामिल थे जिन्हें आतंकियों ने मार डाला। मृतकों में नौ इतालवी और सात जापानी नागरिक भी शामिल थे।
ऐसे बर्बर हमले आईएस की विशेषता : विशेषज्ञ
बांग्लादेश की सरकार ने शुक्रवार को हुए आतंकी हमले में आईएस का हाथ होने से साफ इनकार किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अल्पसंख्यकों और धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं पर लगातार किए जा रहे हमले आईएस की विशेषता है।
कुछ विशेषज्ञों का तर्क है कि इराक और सीरिया में घटते प्रभुत्व और धन कम होने के कारण आईएस बांग्लादेश जैसे देशों में जिहादियों को स्थानीय और सस्ते तरीके से हमले के लिए तैयार कर रहा है।
विल्सन सेंटर के सीनियर साउथ एशिया एसोसिएट माइकल कुगलमैन ने कहा, ‘जिस तरह की विशेषज्ञता के साथ यह हमला किया गया उससे लगता है कि इसमें वैसा समूह शामिल है जो पूरी सफाई के साथ आतंकी ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है। आईएस और अल-कायदा इसमें पूरी तरह फिट बैठते हैं।’
आज दिल्ली लाया जाएगा तारिषी का शव
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को बताया कि ढाका के रेस्तरां में इस्लामी उग्रवादियों के हमले में मारी गई भारतीय छात्रा तारिषी जैन का शव सोमवार को भारत लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ कानूनी कार्रवाई अभी होनी बाकी है।