एशियाई देश लाओस में 'नाम कान नेशनल पार्क' (गिब्बन एक्सपीरियंस) में 130 फीट की ऊंचाई पर हाउस बनाए जाएगे हैं, इन्हें बनाने का मकसद वहां पाए जाने वाले गिब्बन प्रजाति के बंदरों को बचाना है। मीडिया रिपोर्टस की माने तो यहां हो रहे अवैध शिकार के कारण गिब्बन बंदरों की संख्या में काफी तेजी से कमी आ रही है।
इस ट्री हाउस को बनाने का मकसद है कि यहां ज्यादा से ज्यादा लोग आएं गिब्बन प्रजाति के बंदरो की हरकतों से रूबरू हों और इसका लुत्फ उठा सकेंगे। गिब्बन प्रजाति के बंदरो को बचाने के लिए सरकार कंजरवेशन प्रोजेक्ट गिब्बन एक्सपीरियंस चला रही है।
बता दें कि गिब्बन प्रजाति के बंदरो की संख्या अवैध शिकार के चलते काफी कम हो रही है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अनूठी पहल से न केवल अवैध शिकार को रोका जा सकेगा ,अपितु पर्यटकों की संख्या में भी बढोतरी होगी। गिब्बन एक्सपीरियंस के अधिकारी यान गोरमेलन बताते हैं कि नेशनल पार्क में 15 किमी का एक नेटवर्क बनाया गया है।
ट्री हाउस में आने वालों को जंगल के अंदरूनी हिस्से में आना होगा। तभी लोग गिब्बन और उनकी हरकतों से रूबरू हो पाएंगे। गोरमेलन ने बताया कि नए तरह से ट्री हाउस बनाने के लिए 360 डिग्री में घूमने वाले ड्रोन का इस्तेमाल किया गया ताकि पेड़ की हर एंगल से फोटो ली जा सके। फोटोग्रामेट्री सॉफ्टवेयर की मदद से पेड़ का 3डी मॉडल बनाया गया। इसके बाद पेड़ पर लकड़ी के घर तैयार किए गए। एक घर बनाने में छह महीने का वक्त लगा।