आईएस के चंगुल से निकलकर आयी आठ साल की याज़िदी ( उत्तरी इराक में रहने बहुसंख्यक कुर्दिश समुदाय ) मासूम लड़की ने बताया कि किस वह तरह आईएस के आतंकियों के बीच दासी बनकर रही। याज़िदी लड़की ने बताया कि जब वह पांच साल की थी तो आईएस के आतंकियों ने उसका और उसके भाई का अपहारण कर लिया था, और तीन साल बात वह आईएस का चंगुल से निकल पाने में कामियाब रही है।
अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टूडे की खबरों के अनुसार पांच साल की मासूम को आईएस के आतंकियों ने राब्बा से अगवाह किया था। तीन साल बाद सीरिया डोमेस्टिक फोर्स ने उस बच्ची को आईएस के चंगुल से छूड़वाया। मगर उसका भाई अभी भी आईएस के गिरफ्त में है। बच्ची के दिल और दिमाग में आईएस का ऐसा खौफ बैठा है कि टोयोटा हिल्क्स कार को देखकर बुरी तरह से डर जाती है। क्योंकि इस कार को देखकर उसको आईएस और उस पर ढाए गए जुल्मों की याद आती है।
बताया जाता है कि बच्ची अपने माता-पिता द्वारा रखें नाम को भी भूल चुकी है और आईएस द्वारा दिए गये नाम पर ही बातें सुनती है और जवाब देती है। फिलहाल आठ साल की ये बच्ची कोबानी में एक कुर्दिश परिवार के साथ रहती है। वह जल्द ही अपने पिता के पास जाना चाहती है जो कोबानी में ही रहते हैं। बताया जा रहा है कि 2014 में आईएस आंतकी संगठन ने उत्तरी ईराक में बहुत से कुर्दिश लोगों को अपना कैद में लिया और सभी को आपनी दास बनाकर रखा। उसी दौरान इस आठ साल की बच्ची का भी अपहारण किया गया था। उस समय इसकी उम्र पांच साल थी।