संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान में विद्रोही समूहों से नागरिकों पर हमले रोकने को कहा है। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र का यह बयान इस साल के पहले छह महीने में पांच हजार आम लोगों के मारे जाने या घायल होने पर आया है।
संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं ने बयान में कहा है कि युद्ध ने अफगानिस्तान में इस साल के पहले छह महीने में जहां 1,662 नागरिकों की जान ली है, वहीं 3,581 नागरिक इसमें घायल हुए हैं। जबकि यह संख्या 2016 में इसी अवधि में मारे गए या घायल हुए नागरिकों के लगभग बराबर है।
इसमें कहा गया है कि आत्मघाती विस्फोट या अन्य खतरनाक हमलों में मारे गए या घायल हुए लोगों की संख्या में 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस तरह सरकार विरोधी समूहों द्वारा आईईडी के इस्तेमाल के कारण लगभग 40 फीसदी नागरिकों को नुकसान पहुंचा है।
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन प्रमुख टाडामिची यामामोटो ने कहा कि अफगानिस्तान में हो रहे खतरनाक युद्ध में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है।