स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफन लॉफवेन मंगलवार को संसद में विश्वास मत हासिल नहीं कर सके। स्वीडन डेमोक्रेट पार्टी ने लॉफवेन का यह कहकर साथ देने से इनकार कर दिया कि जब तक आप्रवासन नीति पर उनकी मांगे नहीं मानी जाएंगी समर्थन नहीं मिलेगा। ऐसे में देश में नई सरकार को लेकर असमंजस खड़ा हो गया है।
बता दें कि नौ सितंबर को हुए चुनाव में लॉफवेन की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने 144 सीटें हासिल की हैं। उन्हें विपक्षी गठबंधन से सिर्फ एक ही सीट ज्यादा हासिल हुई है। जबकि 349 सदस्यों वाली संसद में आप्रवासन विरोधी स्वीडन डेमोक्रेट को 62 सीटें मिली हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मॉडरेट पार्टी के उल्फ क्रिस्टरसन को सरकार बनाने का न्योता मिल सकता है।
हालांकि मॉडरेट पार्टी के गठबंधन के पास बहुमत नहीं है इसलिए उन्हें स्वीडन डेमोक्रेट या लॉफवेन की पार्टी का समर्थन हासिल करना ही होगा। ऐसी स्थिति में यदि किसी की भी सरकार नहीं बन पाई तो तीन महीने के अंदर दोबारा चुनाव कराना होगा।