ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने एक ऐसा बलड टेस्ट विकसित किया है जिससे यह पता चला जाएगा कि व्यक्ति की नींद पूरी हुई है या नहीं। साथ ही इससे यह भी पता चलेगा कि व्यक्ति कितना थका हुआ है। ये वैज्ञानिक ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ सरे के स्लीप रिसर्च सेंटर में कार्यरत हैं। इस जांच में केवल 3 मिनट का ही समय लगता है और खर्च भी काफी कम पड़ता है। इस टेस्ट से सुस्ती में गाड़ी चलाने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल पाएगी।
अध्ययन के लिए 36 लोगों का हुआ टेस्ट
यह अध्ययन रिसर्च सेंटर के प्रमुख डर्क जेन डी के नेतृत्व में की हुआ। अध्ययन के लिए 36 लोगों ने एक रात की नींद नहीं ली। इसके बाद उनके खून के नमूने लिए गए और हजारों जीन के व्यवहारिक स्तर में हुए बदलावों को मापा गया।
वैज्ञानिकों ने कहा कि इस खोज से उन्हें ये पता लगाने में मदद मिली कि संबंधित व्यक्ति की नींद पूरी हुई है या नहीं। खोज के दौरान उनके कंप्यूटर प्रोग्राम ने इनमें से 68 जीन्स की पहचान की और करीब 92 फीसदी शुद्धता के साथ नतीजे आए। यह तकनीक साल के अंत तक बाजार में लाई जाएगी।
अध्ययन से जुड़े एक अन्य वैज्ञानिक ने बताया कि इस टेस्ट से ये जानने में सहायता मिलेगी कि कोई व्यक्ति गाड़ी चलाने के लिए पूरी तरह फिट है या नहीं।
एक अलग तरह का ब्लड टेस्ट ब्रिटेन की शेफील्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने भी विकसित किया है। यह टेस्ट बताएगा कि कुछ रोगियों को दिल का दौरा पड़ने के बाद जान पर अधिक खतरा क्यों बना रहता है। इस टेस्ट से जोखिमों को कम किया जा सकता है। साथ ही बेहतर इलाज देने में भी मदद मिल मिलेगी।