ब्रिटेन के राष्ट्रमंडल सचिवालय में काम करने वाले एक भारतीय अधिकारी ने रोजगार न्यायाधिकरण में जीत हासिल की है। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें अवैध तरीके से नौकरी छोड़ने के लिए बाध्य किया गया और मुआवजे के तौर पर हजारों पाउंड राशि मिलनी चाहिए।
राम वेणुप्रसाद राष्ट्रमंडल महासचिव पैट्रिशिया स्कॉटलैंड के खिलाफ यह मामला रोजगार न्यायाधिकरण ले गए थे। उन्होंने मुकदमा जीत लिया है, जिसके बदले उन्हें हजारों पौंड का मुआवजा मिलेगा। राष्ट्रमंडल सचिवालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम फैसले की समीक्षा कर रहे हैं और इसके बाद आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे।
न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में कहा, ‘वेणुगोपाल की बर्खास्तगी गैरकानूनी है। राष्ट्रमंडल मुख्यालय के पूर्व उप प्रमुख के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्यवाहियों में गंभीर खामियां हैं।’