चीन के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) को टक्कर देने के लिए अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रलिया और जापान मिलकर 'संयुक्त क्षेत्र बुनियादी ढांचा योजना' पर विचार कर रही है।ऑस्ट्रेलियन फाइनेंशियल रिव्यू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चार देशों के इस 'विकल्प' से ओबीओआर के जरिए अपना दबदबा बढ़ाने की फिराक में चीन को करारा झटका लग सकता है।
एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, पिछले हफ्ते ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल की अमेरिकी दौरे के दौरान राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप से इस पर गंभीर रूप से चर्चा भी हुई है।
हालांकि यह बातचीत कितनी उपयोगी और कारगार साबित होगी फिलहाल यह साफ नहीं सका है। बता दें कि हाल ही में भारत की आपत्ति के बावजूद चीन ने पाकिस्तान के साथ ही भारत के विश्वस्त सहयोगी अफगानिस्तान को ओबीओआर से जोड़ने का प्रयास शुरू कर दिया है।
जबकि भारत शुरू से ही
ओबीओआर को अपनी संप्रभुता के लिए खतरा बताते हुए इसका विरोध करता रहा है। जबकि चीन भारत के विरोध को दरकिनार कर लगातार उसके पडोसियों को इस योजना से जोड़ता जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो चीन ओबीओआर के बहाने एक तरह से भारत के चारों ओर अपना जाल फैलाता जा रहा है। जिसका नुकसान भविष्य में भारत को उठाना पड़ सकता है।
चीन की इस मंशा को भारत भी अच्छी तरह समझता है इसीलिए वह खुलकर चीन की इस योजना का विरोध करता रहा है। भारत का यही विरोध चीनी मीडिया को रास नहीं आता और वो इस पर निशाना साधती रहती है।