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नेपाल में उग्र हुए मधेसी, पीएम आवास तक पहुंचा आंदोलन

Tue, 17 May 2016 10:34 PM IST
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • निषेधाज्ञा के बावजूद आंदोलनरत मधेसियों ने किया प्रधानमंत्री आवास का घेराव
  • झड़प में कम से कम आठ लोग हुए घायल, लेकिन टस से मस न हुए आंदोलनकारी 
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मद्धेसियों का प्रदर्शन - फोटो : Getty
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विस्तार
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नए संविधान के विरोध में मधेसियों का आंदोलन चौथे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। प्रधानमंत्री केपी ओली की कार्रवाई करने की कड़ी चेतावनी के बाद भी मधेसियों ने उनके सरकारी आवास का घेराव किया। यहां पुलिस से उनकी झड़प हुई। इसमें कम से कम आठ लोग घायल हो गए। मधेसी मोर्चा व अन्य मधेसी दलों ने 20 से भी ज्यादा जनजातीय समूहों के साथ मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की तरफ कूच किया।
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सोमवार को प्रधानमंत्री ने मधेसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों पर इसका कोई असर नहीं दिखा। स्थानीय प्रशासन ने पीएम आवास और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा का कड़ा इंतजाम किया था। इसके साथ ही इस क्षेत्र को निषेद क्षेत्र करार दे दिया था।

इसके बावजूद मधेसियों ने यहां धरना दिया और सुबह से शाम तक यहां डटे रहे। निषेधाज्ञा तोड़ने को लेकर आंदोलनकारी और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प भी हुई। बता दें कि मधेसी देश का फिर से सीमांकन करने और राज्यों में उचित प्रतिनिधित्व देने समेत अपनी कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
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‘प्रधानमंत्री आग उगल रहे, पुलिस निरंकुश’ 

मधेसी आंदोलन - फोटो : bbc
नेपाल कांग्रेस ने मधेसियों के आंदोलन का समर्थन किया है। कांग्रेस पार्टी की कोषाध्यक्ष सीतादेवी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी का मधेसियों को पूरा समर्थन है और उनकी जायज मांगें सरकार को माननी चाहिए।

पीएम आवास से आंदोलनकारी अपने आंदोलन को बुधवार को राजधानी के शांति वाटिका इलाके में ले जाएंगे। यहां वे बुधवार को विरोध सभा करेंगे। इससे पहले बुधवार सुबह को सभी आंदोलनरत दल भावी रणनीति और योजना बनाने के लिए बैठक करेंगे।

सद्भावना पार्टी के उपाध्यक्ष लक्ष्मण लाल कर्ण ने कहा कि हम शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने निरंकुशता बरती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अभी भी आग उगल रहे हैं और वह आज भी मधेसियों को देश का सम्मानित नागरिक नहीं समझते हैं।  
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