ललितपुर। कॉर्नियल अंधत्वमुक्त भारत अभियान पर निकले 80 वर्षीय अप्रवासी भारतीय बॉबी (बलवंत सिंह) ग्रेवाल ने रविवार को नेत्रदान के लिए जनजागरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नेत्रदान सबसे बड़ा दान है। लोगों को बेझिझक नेत्रदान के लिए आगे आना चाहिए।
कपंनी बाग में उन्होंने कहा कि सक्षम संस्था से प्रेरणा लेकर नेत्रदान के लिए जनजागरण आरंभ किया है। वर्ष 2005 में अमृतसर से दिल्ली तक पद यात्रा कर चुके हैं। हाल ही में कन्याकुमारी से लेकर नागपुर होते हुए नई दिल्ली तक की 2,600 मील की यात्रा प्रारंभ की है, जिसका पड़ाव आज ललितपुर है। इस माह के अंत तक यात्रा पूरी होने की संभावना है। इस यात्रा को बॉबीज वॉक फुल सर्कल का नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि संस्था सक्षम एवं इंडिया एसोसिएशन यूके संयुक्त रूप से लोगों को नेत्र दान के लिए प्रेरित कर रही है। कॉर्नियल अंधत्व के मुख्य कारण चोट, संक्रमण व विटामिन ए की कमी आदि है। नेत्रदान कर एक अंधे व्यक्ति के जीवन को रोशन किया जा सकता है। मरने से पहले कोई भी व्यक्ति अपनी आंख दान कर सकता है। नेत्रदान के लिए सभी लोग आएं, जिससे वर्ष 2018 के अंत तक भारत को कॉर्नियल अंधत्व मुक्त भारत बनाया जा सके। उन्होंने बेटी बचाओ का भी संदेश दिया। इस मौके पर सजन शर्मा, देवी प्रसाद पाराशर, महेश मिश्रा, जगदीश सिरोठिया, महेश रिछारिया, विपिन तिवारी आदि उपस्थित रहे।
पेट्रोल पंप पर करते हैं बसेरा
बॉबी ग्रेवाल पद यात्रा के दौरान रात्रि पेट्रोल पंप पर बिताते हैं। सुबह होते ही पद यात्रा पर निकल पड़ते हैं। रविवार की रात उन्होंने मन्नू पेट्रोल पंप पर रात बिताने का निर्णय लिया है।