केरल को लेकर चुनावी मौसम में अलग ही सियासी जंग चल रही है। बुधवार को सीपीआई (एम) की ओर से आरोप लगाया गया कि कांग्रेस ने वायनाड में अपनी सहयोगी दल आईयूएमएल का झंडा लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान छोड़ दिए वो भी बीजेपी के डर से।
केरल को लेकर चुनावी मौसम में अलग ही सियासी जंग चल रही है। बुधवार को सीपीआई (एम) की ओर से आरोप लगाया गया कि कांग्रेस ने वायनाड में अपनी सहयोगी दल आईयूएमएल का झंडा लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान छोड़ दिए वो भी बीजेपी के डर से।
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केरल के वायनाड से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने बुधवार को कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बीजेपी के डर से कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान अपनी सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का झंडा का झंडा तक नहीं उठा रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो दावा करती है कि उसकी लड़ाई भाजपा के खिलाफ है, उसकी नीतियों के खिलाफ है।
केरल में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है, गोविंदन ने कहा। वे बोले कि कांग्रेस के दो बड़े नेता राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल दक्षिण से चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन फिर भी इतनी पुरानी पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं कि वे अपनी सहयोगी पार्टी आईयूएमएल का झंडा अपनी चुनावी रैली में उठा पाएं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज करते हुए कहा कि राहुल गांधी को भाजपा के बदनामी अभियान का डर है, और वो यहां से लोकसभा सीट जीतना भी चाहते हैं।
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वे ये भी चाहते हैं कि वो दल उनका समर्थन भी करे। उन्होंने यह भी कहा कि यह कैसी लड़ाई है जहां एक पार्टी आलोचना से भी ड़रती है और उनकी फासीवादी विचारधारा का विरोध भी करती है। उन्होंने कहा कि वे जानना चाहते हैं कि अपने चुनाव अभियान में कांग्रेस झंडा क्यों नहीं लहरा सकी?
गोविंदन ने कहा कि इस बार का लोकसभा चुनाव भारत में लोकतंत्र बरकरार रखने और फासीवाद को हराने की लड़ाई है। आईयूएमएल के समर्थन के बिना राहुल वायनाड निर्वाचन क्षेत्र में सफल नहीं होंगे।