एक सांस्कृतिक आयोजन के लिए दूसरे देश से 'कीचड़' के आयात को लेकर न्यूज़ीलैंड में भारी विवाद पैदा हो गया है। न्यूज़ीलैंड के रोटोरुआ शहर में आयोजित होने वाले मडटोपिया फ़ैस्टिवल के लिए आयोजकों ने दक्षिण कोरिया से 68,000 डॉलर (क़रीब 44 लाख रुपये) में पांच टन मड पॉवडर आयात किया था।
एक स्थानीय न्यूज़ वेबसाइट के अनुसार, शहर की काउंसिल को लगता है कि उसने एक बेहतर सौदा किया है। विवाद इस पर हो रहा है कि करदाताओं के पैसे का इस तरह इस्तेमाल किया जाना कहां तक उचित है। स्थानीय अधिकारियों का तर्क है कि पांच टन मड पॉवडर अगले पांच मडटोपिया उत्सवों के लिए पर्याप्त है। दिसम्बर में आयोजित होने वाला मडटोपिया एक ऐसा फ़ैस्टिवल है जिसमें संगीत की धुनों पर लोग कीचड़ में खेलते हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये पैसा केंद्रीय सरकार की ओर से आवंटित किया गया था और जिसकी भरपाई टिकटों की बिक्री से की जाएगी।
आलोचना
रोटोरुआ के स्थानीय पार्षद ट्रेवर मैक्सवेल ने द न्यूजडीलैंड हेराल्ड को बताया, "मैं जानता हूं कि लोगों का मानना है कि रोटोरुआ में पर्याप्त कीचड़ है, लेकिन ज़मीन के अंदर की कोई भी मिट्टी आप दूसरों पर नहीं फेंक सकते। पुरानी मिट्टी में कुछ भी हो सकता है, जिससे लोग बीमार पड़ सकते हैं।" हालांकि अख़बार का कहना है कि आयोजन के लिए ज़रूरी कुल कीचड़ तैयार करने में इम्पोर्टेड मड पॉवडर का हिस्सा केवल 15 प्रतिशत होगा।
आयोजकों का कहना है कि 'दक्षिण कोरियाई मड पॉवडर, मडटोपिया में शामिल होने वाले लोगों के लिए एक अलग किस्म का अनुभव देगा।' लेकिन इस फैसले का सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हो रही है और कहा जा रहा है कि करदाताओं के पैसे की ये फिजूलखर्ची है और इससे देश की जैवविविधता पर असर पड़ेगा। एक फ़ेसबुक यूज़र ने लिखा है, "अक्षम लोगों की भरमार है...कीचड़ खरीदा जा रहा है। दक्षिण कोरिया इस पर हंस रहा होगा।"