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नवाज़ को हटाने वाले जजों को मुशर्रफ़ का सलाम

Mon, 31 Jul 2017 04:38 PM IST
बीबीसी हिंदी
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जरनल परवेज़ मुशर्रफ़ तो आपको याद होंगे ही। अरे कैसे भूल सकते हैं उन्हें, वही करगिल वाले, वही जिन्होंने नवाज़ शरीफ़ को चलता किया था। फिर उन्हें हाई जैकिंग केस में अटक के क़िले में बंद कर दिया था और फिर सऊदी विमान में बिठाकर जेद्दा भेज दिया था। वही मुशर्रफ़ जिन्होंने पाकिस्तान के चीफ़ जस्टिस इफ्तिख़ार चौधरी को सुप्रीम कोर्ट से उठाकर घर में बंदी बना दिया था।
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भारत हो या पाकिस्तान यहां सियासत भावनाओं और नियमों का नहीं टेक्निकैलिटी का खेल है। वही मुशर्रफ़ जिन्होंने संविधान को रौंदकर इमर्ज़ेंसी लगाई थी, वही जिनके होते बेनज़ीर भुट्टो शहीद हुई थीं और नवाज़ शरीफ़ दोबारा वापिस आए थे।


वही मुशर्रफ़ जिन्होंने इस वादे पर राष्ट्रपति भवन छोड़ने का फैसला किया कि जब वो भूतपूर्व हो जाएंगे तो उनके ख़िलाफ़ कोई मुक़दमा नहीं बनाया जाएगा और गड़े मुर्दे नहीं उखाड़े जाएंगे। वही मुशर्रफ़ जिन पर नवाज़ शरीफ़ सरकार ने आते ही संविधान से गद्दारी का मुक़दमा कायम किया कि जिसकी सज़ा मौत है।
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बेनज़ीर भुट्टो की हत्या का मुक़दमा कायम हुआ और बलोच नेता अकबर बुग्ती के क़त्ल का मुक़दमा भी बना। वही मुशर्रफ़ जिन्होंने बार-बार समन वसूल होने के बाद एक बार भी अदालत के कटघरे में खड़े होने को अपना अपमान समझा और एक बार अदालत जाने के लिए घर से निकले भी तो अस्पताल पहुंचकर हाय-हाय करते दाख़िल हो गए। वही मुशर्रफ़ जिनको अदालत ने बार-बार घोषित अपराधी क़रार दिया मगर पुलिस की हिम्मत नहीं थी कि उन्हें गिरफ़्तार कर सके।


वही मुशर्रफ़ जिन्हें नवाज़ शरीफ़ हुकुमत ने ऊपर से आने वाले ज़बर्दस्त दबाव के कारण इलाज के लिए देश से बाहर जाने दिया और उन्होंने अदालत से वादा किया दो महीने में वापस आ जाएंगे। आज मुशर्रफ़ को पाकिस्तान से गए दो बरस हो चुके हैं और वो दुबई में बैठे हैं।


किसमें हिम्मत है कि उन्हें इंटरपोल के ज़रिए वापिस ला सके। इन्हीं मुशर्रफ़ साहब ने नवाज़ शरीफ़ को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट के जजों को सलाम पेश किया है। और अदालत से दरख़्वास्त की है कि नवाज़ शरीफ़ और उनके परिवार को किसी भी सूरत में पाकिस्तान से जाने न दिया जाए और उनके ख़िलाफ़ जो भी चार्ज़शीट है।


उस पर मुक़दमे चलाकर सज़ा दी जाए। मुशर्रफ़ साहब ने ये वीडियो पैगाम दुबई से सोशल मीडिया पर जारी किया है। यहां मैं अपनी बात खत्म कर रहा हूं क्योंकि इसके बाद तो मेरे पास कहने को कुछ बचा नहीं है।
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