फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक कारखाना जो शहर की चौकीदारी करता है

विज्ञापन
विज्ञापन
यूक्रेन के पूर्वी इलाके में युद्धविराम है और बंदरगाह वाला शाहर मारियोपोल इसी हिस्से में आता है। यूक्रेन की सरकार विद्रोही नेताओं और उनके रूसी समर्थकों पर आरोप लगा रही है कि वो सीमा पर भारी हथियार जमा कर रहे हैं और मारियोपोल पर हमले की तैयारी में हैं।
विज्ञापन


अगर अगले कुछ दिनों में हमला हुआ तो ये शहर और यहां के लोग क्या करेंगे ये अभी कहना मुश्किल है। कहा जाता है कि यहां के आधे से ज्यादा लोग विद्रोहियों से सहानुभूति रखते हैं।शहर की विशाल स्टील फैक्ट्री के कर्मचारी किस ओर जाते हैं इससे शहर का मिज़ाज तय होता है।

बाहर भले ही जंग चल रही हो लेकिन इलिच स्टील वर्क्स की विशाल भट्टी 24 घंटे जलती रहती है। उन्हें इसकी जरूरत है। लोहा यूक्रेन का सबसे अहम निर्यात है और देश को इस वक्त खूब सारा पैसा चाहिए। इसके अलावा जो बात इस जगह को अहम बनाती वो है इस फैक्ट्री के मालिक रिनात अख्मेतोव।
विज्ञापन
Trending Videos

मारियापोल की मुश्किल

वे यूक्रेन के सबसे बड़े रईसों में हैं और उन्होंने विद्रोहियों के खिलाफ़ इस जंग में सरकार का साथ देने का फ़ैसला किया है। उनके इस फैसले का मतलब है कि यहां काम करने वाले 60 हजार लोग भी विद्रोहियों के खिलाफ हैं, भले ही निजी तौर पर वो इसे सही मानें या गलत।

पिछले साल जब विद्रोहियों ने मारियोपोल पर कुछ समय के लिए नियंत्रण कर लिया था तब इस फैक्ट्री के कर्मचारियों की टीम बैरीकेड हटाने के लिए सड़कों पर निकली थी।

यूक्रेन का झंडा
आंद्रेई नेकरासोव ऐसी ही एक टीम में शामिल थे। उन्होंने बताया, "मैं इस शहर की किसी भी हमलावर से रक्षा करूंगा। जब तक इस जगह काम चलता रहेगा मैं अपने परिवार को खिला सकूंगा।"

वे कहते हैं, "मैं रूसी हूं और मुझे इस बात की परवाह नहीं कि आप कहां से आए हैं, रूस, अमरीका या फिर अंतरिक्ष से अगर आप मेरी ज़िंदगी में गड़बड़ करेंगे तो मैं लड़ूंगा।"

फैक्ट्री के एक नंबर ब्लास्ट फर्नेस के ऊपर यूक्रेन का झंडा लहराता है। यह एक संदेश है उन लोगों के लिए जो इस जगह को बांटना चाहते हैं लेकिन ऐसे नजारों के बावजूद मारियोपोल शहर एकजुट नहीं है।

रूस समर्थक

फैक्ट्री से रिटायर हो चुके विक्टर गेरासिमेन्को ने बताया कि उनके घर के चारों तरफ रूस समर्थक पड़ोसी हैं। इन लोगों ने विक्टर से उनके गार्डेन में लगे यूक्रेन के झंडे को हटाने के लिए कहा। विक्टर के पिता रूसी थे।

उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध में रेड आर्मी में रह कर जंग लड़ी थी। लेकिन विक्टर के पास इन सब के लिए वक्त नहीं है। और इस लड़ाई के बारे में उनका कहना है, "यह कोई गृहयुद्ध नहीं है, ये जान बूझ कर पैदा किया गया विवाद है। ये पुतिन और दोनेत्स्क में मौजूद कुछ गुंडों ने रचा है जो रूस में मिलना चाहते हैं।"
विज्ञापन

यूक्रेनी सैनिक

विक्टर के परिवार की महिला वैलेंटिना गेरासिमेन्को कहती हैं, "जो कुछ हो रहा है, मैं उससे बहुत चिंतित हूं। हर रोज़ मैं टीवी पर युवाओँ को मरते हुए देखती हूं। यह बहुत दुखद है।"

हालांकि विक्टर के घर के ठीक बाहर ही एक दूसरी तरह की आवाज़ भी सुनने को मिल जाती है, "मैं रूसी हमले को महसूस करती हूं।।।इस शहर में रहते हुए मुझे यूक्रेनी सैनिकों से ज्यादा नाराजगी है।" इस नाराज महिला के साथ और कितने लोग हैं ये कहना मुश्किल है लेकिन अलग अलग आवाज़ें यह बता रही हैं कि नया हमला इस शहर को दोफाड़ कर देगा!
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें