दुनिया का सबसे बड़ा जहाज़ जो समुद्र में तेल के बड़े-बड़े रिग्स को उठाने में सक्षम है अब दक्षिण कोरिया से हॉलैंड के रॉटरडम बंदरगाह की तरफ़ चल पड़ा है।
पिएटर स्केल्ट बुधवार को दक्षिण कोरिया से निकला है और दिसंबर महीने में हॉलैंड पहुंचेगा जहां इस जहाज़ को पूरा किया जाएगा।
यह जहाज़ 124 मीटर चौड़ा और 382 मीटर लंबा है। इस जहाज़ को बनाया ही गया है समुद्र के तेल के कुएं खोदने के काम में बड़े-बड़े रिग्स को उठाने के लिए।
रिपोर्टों के अनुसार इस जहाज़ को बनाने में क़रीब तीन अरब डॉलर का ख़र्च आया है।
पीएटर स्केल्ट को बनाने का ठेका स्विस कंपनी आलसीज़ ने दिया है जो पहले से ही समुद्र में पाइप बिछाने और समुद्र में निर्माण के धंधे में है।
रॉटरडम बंदरगाह के साथ पार्टनरशिप में बन रहा यह जहाज़ बंदरगाह के एक ख़ास रुप से तैयार किए गए स्थान पर रखा जाएगा।
जहाज़ का निर्माण पूरा होने के बाद यह काले सागर में जाएगा पाइपलाइन बिछाने के लिए। इस जहाज़ का इस्तेमाल तेल के रिग्स बिछाने के साथ-साथ पाइप बिछाने के लिए भी होगा।
जहाज़ का निर्माण कोरिया की डेवू हेवी इंडस्ट्रीज़ ने किया है जो कि 48 हज़ार टन का भार उठा सकती है।
आलसीज़ अब पीएठर स्केल्ट जैसा ही एक और जहाज़ बनाने की योजना में है जो 400 मीटर लंबा और 160 मीटर चौड़ा होगा और 77 हज़ार टन भार ढो सकेगा। यह जहाज़ 2020 तक तैयार हो सकता है।