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Pandit Jasraj Death News Live Updates: जाने-माने शास्त्रीय गायक पंडित जसराज नहीं रहे, 90 वर्ष की उम्र में अमेरिका में हुआ निधन

Mon, 17 Aug 2020 07:31 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
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पंडित जसराज
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जाने-माने शास्त्रीय गायक पंडित जसराज नहीं रहे। उनका अमेरिका के न्यू जर्सी में निधन हो गया है। वह 90 वर्ष के थे। उनका जन्म 28 जनवरी 1930 को हुआ था। कोरोना वायरस महामारी के कारण लॉकडाउन के बाद से पंडित जसराज न्यूजर्सी में ही थे। उन्होंने आज सुबह आखिरी सांस ली।  

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पंडित जसराज के परिवार ने एक बयान में कहा, बहुत दुख के साथ हमें सूचित करना पड़ रहा है कि संगीत मार्तंड पंडित जसराज जी का अमेरिका के न्यूजर्सी में अपने आवास पर आज सुबह 5 बजकर 15 मिनट पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 

उन्होंने कहा, हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान कृष्ण स्वर्ग के द्वार पर उनका स्वागत करें जहां वह अपना पसंदीदा भजन ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ उन्हें समर्पित करें। हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। आपकी प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद। बापूजी जय हो। 
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इस साल जनवरी में अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले पंडित जसराज ने आखिरी प्रस्तुति नौ अप्रैल को हनुमान जयंती पर फेसबुक लाइव के जरिए वाराणसी के संकटमोचन हनुमान मंदिर के लिए दी थी।



खयाल गायकी के शीर्षस्थ गायक थे
मेवाती घराने के पंडित जसराज खयाल गायकी के शीर्षस्थ गायक थे। उनकी बन्दिशें अत्यधिक लोकप्रिय हैं। अमेरिका के न्यू जर्सी में भी उनका घर है। वहां उनका संगीत का विद्यालय भी चलता है। 

जसराज भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायकों में से एक थे। जसराज का संबंध मेवाती घराने से रहा। जसराज जब चार वर्ष उम्र में थे तभी उनके पिता पण्डित मोतीराम का देहांत हो गया था और उनका पालन पोषण बड़े भाई पंडित मणिराम के संरक्षण में हुआ। 

प. जसराज ने संगीत दुनिया में 80 वर्ष से अधिक बिताए और कई प्रमुख पुरस्कार प्राप्त किए। शास्त्रीय और अर्ध-शास्त्रीय स्वरों के उनके प्रदर्शनों को एल्बम और फिल्म साउंडट्रैक के रूप में भी बनाया गया है। जसराज ने भारत, कनाडा और अमेरिका में संगीत सिखाया है। उनके कुछ शिष्य नामी संगीतकार भी बने हैं।

अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) ने 11 नवंबर, 2006 को खोजे गए हीन ग्रह 2006 VP32 (संख्या -300128) को पंडित जसराज के सम्मान में 'पंडितजसराज' नाम दिया था। 

पंडित जसराज के निधन के समाचार के बाद संगीत प्रेमियों में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए लगातार श्रद्धांजलि दी जा रही है। अपने जीवनकाल में उन्होंने मेवाती घराने के 76 सुशिष्य तैयार किए। इनका जिक्र लेखक सुनील बुद्धिराजा की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक रसराज-जसराज में मिलता है। 

उनकी पुत्री दुर्गा जसराज ने भी संगीत के साथ ही साथ टीवी के माध्यम से भी लोकप्रियता हासिल की। 

राष्ट्रपति कोविंद, पीएम मोदी ने जताया दुख
पंडित जसराज के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुख जताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'संगीत किंवदंती और अद्वितीय शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का निधन ने मुझे दुखी किया है। पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित जसराज ने आठ दशकों से अधिक के करियर को जीवंत करते हुए लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके परिवार, दोस्तों और संगीत के प्रति संवेदना।'
 

शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'पंडित जसराज जी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से भारतीय सांस्कृतिक क्षेत्र में एक गहरा प्रभाव पड़ा है। न केवल उनकी प्रस्तुतियां उत्कृष्ट थीं, उन्होंने कई अन्य गायकों के लिए एक असाधारण गुरु के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उनके परिवार और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ॐ शांति।'
 

गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, 'संगीत मार्तंड पंडित जसराज जी एक अविश्वसनीय कलाकार थे जिन्होंने अपनी जादुई आवाज से भारतीय शास्त्रीय संगीत को समृद्ध किया। उनका निधन व्यक्तिगत क्षति की तरह लगता है। वह अपनी निर्लज्ज रचनाओं के माध्यम से हमारे दिलों में हमेशा के लिए रहेंगे। उनके परिवार और अनुयायियों के प्रति संवेदना। ॐ शांति।'
 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शास्त्रीय गायक के निधन पर शोक व्यक्त किया है। राजनाथ ने ट्वीट कर कहा, 'सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज के निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। मेवाती घराना से जुड़े पंडितजी का संपूर्ण जीवन सुर साधना में बीता। सुरों के संसार को उन्होंने अपनी कला से नए शिखर दिए। उनके जाने से संगीत का बड़ा स्वर मौन हो गया है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।'
 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर पंडित जसराज के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा, 'अपनी अनूठी आवाज और गायन से देश एवं दुनिया के संगीत प्रेमियों के हृदय में विशिष्ट स्थान रखने वाले पंडित जसराज के निधन के समाचार से स्तब्ध और दु:खी हूं। भारत भवन,भोपाल के ट्रस्टी के रूप में उनका मध्यप्रदेश से गहरा नाता है। यह रिश्ता अटूट है। आप सदैव हमारे दिलों में रहेंगे। ॐ शांति!'
  न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत रणधीर जायसवाल और अन्य ने पद्म विभूषण पंडित जसराज को न्यू जर्सी में 'द हिंदू फ्यूनरल होम' में जाकर श्रद्धांजलि दी।  
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