ब्रिटेन में साल की शुरुआत में लगाए गए सख्त लॉकडाउन में सोमवार से ढील दी गई। अब लोग घरों से बाहर निकल सकते हैं, अपने परिवार और दोस्तों से मिल सकते हैं, पार्क में जा सकते हैं, खेलकूद सकते हैं। नए नियमों के तहत बाहर खेले जाने वाले खेलकूद के प्रतिष्ठान दोबारा खोले जा सकते हैं और एक साथ अधिकतम छह लोग या दो परिवार पार्कों या उद्यान में एकत्र हो सकते हैं। पिछले तीन महीने में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में गिरावट को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में भी राहत
महीनों तक घर में बंद रहने के बाद बहुत से लोग बाहर निकलने लगे हैं और बच्चे भी खेलकूद का आनंद ले रहे हैं। ब्रिटेन के अन्य हिस्सों-स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में भी ऐसे ही कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने जनता से सावधानी बरतने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, 'आज दी गई ढील के साथ ही सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। हाथ धोना, चेहरा ढंकना, दूरी बनाए रखना न भूलें। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ब्रिटेन में तीन करोड़ से अधिक लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है।
रविवार को छह माह में सबसे कम मामले आए
ब्रिटेन में महामारी से 1,26,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जो यूरोप में सबसे ज्यादा है। रविवार को ब्रिटेन में संक्रमण के 3,872 नए मामले सामने आए। ये पिछले छह महीने में संक्रमण के रोजाना मिलने वाले मामलों में सबसे कम हैं।
लंदन में जनवरी के मुकाबले 40 गुना कम हो रहीं मौतें
लंदन में कोरोना से रोजाना होने वाली मौतें घटकर मात्र पांच रह गई हैं। यह संख्या जनवरी में इस महामारी के पीक के मुकाबले 40 गुना कम है। इसकी वजह देश में तेजी से हो रहा टीकाकरण है।
राजधानी लंदन में जनवरी में महामारी के चरम पर होने के दौरान रोज 20 हजार केस मिल रहे थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर करीब 500 हो गई है। अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। जनवरी में जहां एनएचएस में भती मरीजों की संख्या 7500 से ज्यादा थी, वहीं अब मात्र 750 लोग भर्ती हैं।
वैज्ञानिकों ने चेताया
राहत व संक्रमण कम होने के बावजूद वैज्ञानिकों ने चेताया है कि दूसरी लहर शुरू होने के बाद से मौतों की संख्या इतनी कम हुई है लेकिन लंदन व अन्य बड़े शहरों में अब भी तीसरी लहर के कारण खतरा हो सकता है। इन शहरों में टीकाकरण की रफ्तार कम होने से यह आशंका है।