वहीं, अमेरिका ने शुक्रवार को अपने नागरिकों से अपराध और आतंकवाद के कारण भारत की यात्रा करते समय अधिक सावधानी बरतनेके लिए कहा और उन्हें जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। शुक्रवार को जारी एक नई यात्रा सलाह में अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत यात्रा सलाहकार स्तर को एक से 4 के पैमाने पर घटाकर 2 कर दिया। विदेश विभाग ने एक दिन पहले एक अलग एडवाइजरी में पाकिस्तान को लेवल 3 पर रखा था और अपने नागरिकों से आतंकवाद और सांप्रदायिक हिंसा के कारण अपने अशांत प्रांतों की यात्रा पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था।
विदेश विभाग ने कहा कि अपराध और आतंकवाद के कारण भारत में सतर्कता बढ़ाने की सलाह दी है। यात्रा न करें: आतंकवाद और नागरिक अशांति के कारण जम्मू और कश्मीर का केंद्र शासित प्रदेश (पूर्वी लद्दाख क्षेत्र और उसकी राजधानी लेह को छोड़कर)। भारत-पाकिस्तान सीमा के 10 किमी के भीतर सशस्त्र संघर्ष की संभावना के कारण खतरा है। ट्रैवल एडवाइजरी के अनुसार भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, दुष्कर्म भारत में सबसे तेजी से बढ़ते अपराधों में से एक है। यौन हमले जैसे हिंसक अपराध पर्यटन स्थलों और अन्य स्थानों पर हुए हैं।
एडवाइजरी में कहा गया है कि आतंकवादी पर्यटक स्थलों, परिवहन केंद्रों, बाजारों/शॉपिंग मॉल और सरकारी केंद्रों को निशाना बनाकर कम या बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकते हैं। अमेरिकी सरकार के पास पूर्वी महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने की सीमित क्षमता है। यात्रा परामर्श में कहा गया है कि पश्चिमी पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तरी तेलंगाना में अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को इन क्षेत्रों की यात्रा करने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी।