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US: अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप- रॉ अधिकारी ने रची थी सिख अलगाववादी को मारने की साजिश

Fri, 18 Oct 2024 07:44 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

भारत सरकार ने अमेरिकी धरती पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या करने की ऐसी साजिश से अपने जुड़ाव या संलिप्तता से इनकार किया है। अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद नई दिल्ली ने मामले की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की थी।
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गुरपतवंत सिंह पन्नू - फोटो : एक्स/ShayanKrsna
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विस्तार
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खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश रचने के मामले में अमेरिका में संघीय अभियोजकों ने न्यूयॉर्क की अदालत में एक भारतीय रॉ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघीय अभियोजकों ने दावा किया किअधिकारी की पहचान 39 वर्षीय विकास यादव के रूप में हुई है। वह कैबिनेट सचिवालय में कार्यरत था, जिसमें भारत की विदेशी खुफिया सेवा, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) शामिल है। उस पर  हत्या की नाकाम साजिश का कथित रूप से निर्देश देने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप लगाए गए हैं। 

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विकास यादव अब सरकारी कर्मचारी नहीं है। उन पर तीन मामलों में आरोप लगाए गए हैं, जिसमें सुपारी लेकर हत्या और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश शामिल है। न्याय विभाग ने कहा कि वह अभी भी फरार है। उसके सह-षड्यंत्रकारी निखिल गुप्ता को पिछले साल चेकोस्लोवाकिया में गिरफ्तार किया गया था और प्रत्यर्पण के बाद वह अमेरिकी जेल में बंद है। 

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक बी. गारलैंड ने कहा कि आरोपों से पता चलता है कि न्याय विभाग अमेरिकियों को निशाना बनाने और उन्हें खतरे में डालने तथा हर अमेरिकी नागरिक के अधिकारों को कमजोर करने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं करेगा। एफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर रे ने कहा कि आरोपी एक भारतीय सरकारी कर्मचारी है। उसने कथित तौर पर एक आपराधिक सहयोगी के साथ मिलकर साजिश रची और अमेरिकी धरती पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या करने का प्रयास किया।
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भारत ने किया आरोपों का खंडन
हालांकि, भारत सरकार ने अमेरिकी धरती पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या करने की ऐसी साजिश से अपने जुड़ाव या संलिप्तता से इनकार किया है। अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद नई दिल्ली ने मामले की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की थी। अमेरिका ने इस मामले में भारत से मिले सहयोग पर संतोष व्यक्त किया है। दूसरे अभियोग को खोलने का काम भारतीय जांच समिति द्वारा इन मुद्दों पर एफबीआई, न्याय विभाग और विदेश विभाग के अधिकारियों की एक अंतर-एजेंसी टीम के साथ बैठक करने के लिए यहां आने के 48 घंटे के भीतर हुआ है। 

अमेरिका ने भारत की सराहना की थी
इससे पहले विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि हम भारत के सहयोग से संतुष्ट हैं। यह एक सतत प्रक्रिया है। हम इस पर उनके साथ काम करना जारी रखते हैं, लेकिन हम सहयोग की सराहना करते हैं, और हम उनकी जांच के बारे में हमें अपडेट करने की सराहना करते हैं, जैसा कि हम उन्हें अपनी जांच के बारे में अपडेट करते हैं।

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