India-Russia Relations: रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन की हालिया भारत यात्रा से भारत-रूस संबंधों की गहराई और मजबूती फिर से स्पष्ट हुई है। मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे पर हुए समझौतों ने दोनों देशों के रणनीतिक लक्ष्यों के बीच तालमेल और दशकों से चले आ रहे आपसी भरोसे की पुष्टि की है।
रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा के दौरान हुए समझौतों से दोनों देशों के रणनीतिक लक्ष्य एक जैसे होने की पुष्टि हुई है और भारत-रूस के बीच दशकों पुराना, भरोसेमंद रिश्ता और मजबूत हुआ है। रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने साल के अंत के बयान में कहा कि पुतिन की दिसंबर में हुई भारत यात्रा रूसी विदेश नीति की बड़ी उपलब्धियों में से एक रही। इस दौरान दोनों देशों के बीच 'समय की कसौटी पर खरे उतरे आपसी विश्वास' और रणनीतिक साझेदारी की दृढ़ता साफ दिखाई दी।
दो दिवसीय राजकीय दौरे पर आए थे पुतिन
बता दें कि राष्ट्रपति पुतिन इस महीने की शुरुआत में दो दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत आए थे। इस दौरान 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन हुआ, जिसमें दोनों देशों ने आर्थिक, रणनीतिक और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले किए।
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28 दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर
विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान एक व्यापक संयुक्त बयान जारी किया गया और कुल 28 दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें वर्ष 2030 तक भारत-रूस के बीच रणनीतिक आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम भी शामिल है। इसके तहत व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
चीन और अमेरिका संबंधों पर भी बोला रूस
रूसी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि चीन के साथ रूस का व्यावहारिक सहयोग भी लगातार मजबूत बना हुआ है और बाहरी दबावों के बावजूद इसमें कोई कमी नहीं आई है। अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर मंत्रालय ने कहा कि जनवरी में वहां प्रशासन में बदलाव के बाद रूस और अमेरिका के बीच राजनीतिक संवाद फिर से शुरू हुआ है और यह बातचीत अब उच्चतम और वरिष्ठ स्तरों पर हो रही है।