प्रस्ताव में सांसदों प्रमिला जयपाल, इल्हान उमर, राशिदा तलैब और जूडी चू ने स्वीकार किया कि लोगों के धर्म, जाति, राष्ट्रीयता और आव्रजन स्तर के आधार पर सरकार ने उन्हें निशाना बनाया जाता रहा है।
अमेरिका में भारतीय मूल की सांसद प्रमिला जयपाल समेत कांग्रेस की महिला सदस्यों के एक समूह ने निचले सदन प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में कहा गया है कि 11 सितंबर के हमले के दो दशक बाद भी पूरे अमेरिका में अरब, पश्चिम एशिया, दक्षिण एशिया मूल के लोगों, मुस्लिमों और सिखों के खिलाफ नफरत, भेदभाव व नस्लवाद का माहौल जारी है।
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प्रस्ताव में इन समुदायों को अनुचित तरीके से निशाना बनाने वाली सरकारी नीतियों की समीक्षा करने, उनकी जांच करने तथा उनके प्रभावों का ब्योरा तैयार करने के साथ ही उन्हें खत्म करने के लिए एक कार्यबल के गठन का विचार भी दिया गया।
इसमें कहा गया है कि अंतर-एजेंसी कार्यबल के निष्कर्षों तथा सिफारिशों को समझने के लिए कांग्रेस तथा नागरिक अधिकार संगठनों द्वारा सुनवाई होनी चाहिए।
साथ ही मांग की गई कि स्वास्थ्य और मानव सेवा मंत्री, राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान व राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन मिलकर नफरत की भावना व इसका शिकार लोगों से संबंधित जानकारी का अध्ययन करें।