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प्राकृतिक खूबसूरती के बीच बसी ऐसी जेल, जिसे कोई छोड़ना नहीं चाहता

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Thu, 04 Apr 2019 03:40 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com

करीब एक दशक पहले मेक्सिको मारिया द्वीप पर एक जेल बनाई गई थी। देश की नई सरकार ने अब इसे बंद करने का फैसला लिया है। लेकिन कई कैदी ऐसे हैं, जो इस जेल को छोड़कर जाना नहीं चाहते। द्वीप पर रहने वाले कैदी और गार्ड अक्तूबर 2018 में आए ताकतवर तूफान के बाद भी यहां से नहीं गए।



सबसे हैरानी वाली बात ये है कि इस जेल में कैदी अपने परिवार के साथ भी रहते हैं।


फरवरी माह में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर ने जेल को बंद करने का फैसला लिया है। उनका मानना है कि वो द्वीप जो अपनी खूबसूरती और जैव विविधता के लिए जाना जाता है, वह किसी को दंड और यातना देने के लिए ठीक नहीं है।


इस जेल की स्थापना साल 1905 में की गई थी। अब इसे जोस रेव्युल्टस सांस्कृतिक केंद्र बनाने की बात की जा रही है। बता दें जोस रेव्युल्टस मेक्सिको के लेखक, राजनीतिक कार्यकर्ता का नाम है, जो 1930 के दशक में यहां दो बार कैद हुए थे।


इस द्वीपसमूह पर सबसे बड़ा द्वीप इस्ला मारिया है। इस जेल के इतिहास में यहां करीब 64 हजार कैदी रहे हैं। बीते साल इनमें से आखिरी 584 को मुख्य स्थान पर वापस भेज दिया गया। वहीं कम जोखिम वाले कैदी जिनकी सजा लगभग पूरी होने वाली है, उन्हें रिहा कर दिया गया है। बाकी कैदियों को दूसरे स्थान पर भेज दिया गया है। यहां रह रहे कैदी खुले मैदान में भी घूम फिर सकते थे। 


जेल के गार्ड जोस बेकेरा का कहना है, "उनमें से कुछ के लिए यह एक बड़ा बदलाव है। यहां वह पूरी तरह कैद नहीं थे। वह आराम से अपना समय काट रहे थे। कुछ अपने परिवार के साथ भी थे। ये बदलाव उनके लिए आश्चर्यजनक है। वह निश्चित रूप से जेल छोड़ने पर दुखी हैं।" 

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